दिल्ली में राशन वितरण प्रणाली में डिजिटल परिवर्तन
नई दिल्ली में राशन प्रणाली में बदलाव
नई दिल्ली: दिल्ली की राशन व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। सरकार ने एक नया डिजिटल सिस्टम लागू करने की योजना बनाई है, जिसके तहत राशन कार्ड धारकों को सीधे डिजिटल मुद्रा प्रदान की जाएगी। यह कदम सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए उठाया गया है।
लाभार्थियों के लिए नए विकल्प
सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से लाभार्थियों को अधिक विकल्प मिलेंगे और राशन वितरण में होने वाली गड़बड़ियों में कमी आएगी। इसके अलावा, आय सीमा में वृद्धि के कारण लाखों नए परिवार भी सस्ते राशन योजना का लाभ उठा सकेंगे।
डिजिटल मुद्रा का उपयोग
खाद्य आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि दिल्ली सरकार राशन कार्ड धारकों के आधार से जुड़े बैंक खातों में डिजिटल मुद्रा जमा करेगी, जिससे वे उचित मूल्य की दुकानों से अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुएं खरीद सकें।
आय सीमा में वृद्धि
मंत्री ने कहा कि दिल्ली मंत्रिमंडल ने वार्षिक पारिवारिक आय सीमा को 1.2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये प्रति वर्ष करने का निर्णय लिया है। इससे लाखों नए लाभार्थियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली में शामिल किया जा सकेगा।
अमान्य राशन कार्ड रद्द
दिल्ली सरकार ने लगभग दो लाख अमान्य राशन कार्ड रद्द कर दिए हैं और नए राशन कार्डों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अधिक पारदर्शिता और उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प प्रदान करने के लिए सीबीडीसी पर आधारित स्मार्ट राशन वितरण प्रणाली शुरू करेगी।
सीबीडीसी प्रणाली का लाभ
इस प्रणाली का उद्देश्य लाभार्थियों को खाद्य सब्सिडी लाभ पहुंचाने के लिए डिजिटल मुद्रा का उपयोग करना है, न कि केवल उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से भौतिक वितरण पर निर्भर रहना। प्रस्तावित सीबीडीसी-आधारित मॉडल के तहत, दिल्ली सरकार खाद्यान्नों के सब्सिडी समतुल्य की गणना करेगी और लाभार्थी के सीबीडीसी वॉलेट में राशि हस्तांतरित करेगी।
लाभार्थियों को मिलेगा फायदा
लाभार्थी आधार/ई-पीओएस सिस्टम के माध्यम से प्रमाणीकरण के बाद अधिकृत आउटलेट्स से राशन खरीद सकेंगे। सभी लेनदेन डिजिटल रूप से रिकॉर्ड किए जाएंगे, जिससे अधिक जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
पारदर्शिता में वृद्धि
सिरसा ने कहा कि सीबीडीसी-सक्षम प्रणाली के तहत, राशन के लिए वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थियों के खातों में जमा की जाएगी, जिससे वे डिजिटल मुद्रा के माध्यम से आवश्यकतानुसार राशन खरीद सकेंगे। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और व्यवस्था में कुप्रबंधन समाप्त होगा।
धीरे-धीरे लागू किया जाएगा
मंत्री ने कहा कि सीबीडीसी आधारित मॉडल को धीरे-धीरे राशन की दुकानों पर लागू किया जाएगा और भविष्य में इसे बैंकिंग प्रणालियों के साथ एकीकृत किया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि सीबीडीसी भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी की गई एक डिजिटल मुद्रा है और इसका कानूनी दर्जा भौतिक मुद्रा के समान है।
शिकायत निवारण ढांचा
यह तंत्र लाभार्थियों को अधिकृत आउटलेट चुनने में लचीलापन, सब्सिडी पात्रता और लेनदेन इतिहास की जानकारी प्रदान करेगा। इससे एक मजबूत शिकायत निवारण ढांचा स्थापित होगा।