दिल्ली में रैपिडो ड्राइवर की नौकरी की तलाश ने सोशल मीडिया पर मचाई हलचल
दिल्ली में रैपिडो ड्राइवर की अनोखी कहानी
नई दिल्ली। दिल्ली में रैपिडो की एक साधारण सवारी ने तब सुर्खियाँ बटोरीं जब महिला यात्री को ऑफिस पहुँचने के तुरंत बाद रैपिडो कैप्टन की ओर से एक व्हाट्सऐप संदेश प्राप्त हुआ। इस कैप्टन ने खुद को हाल ही में बीटेक की डिग्री प्राप्त करने वाले युवक के रूप में पेश किया। उसने बताया कि वह अपनी पहली नौकरी की तलाश में है और अनुरोध किया कि यदि कहीं कोई वैकेंसी हो तो उसे सूचित किया जाए। अपने संदेश के साथ उसने अपना बायोडाटा भी भेजा, ताकि किसी कंपनी में उसके आवेदन पर विचार किया जा सके।
2022 में https://t.co/ch6m1Yf2Cy पूरा किया 8 8 महीने तक नौकरी के लिए भटका लास्ट में हार मानकर रैपीडो कैप्टन बन गया।
कल रात एक जाने-माने कंपनी की जनरल मैनेजर नंदनी गुप्ता ने एक राइड बुक किया इत्तेफाक से वह राइड मुझे मिला।
राइड पूरा होने के बाद मैंने अपना रिज्यूम नंदनी गुप्ता को… pic.twitter.com/VAloqMmQ3o
— Wallah Habebe Hindi Version (@Wallahhabebe) August 4, 2026
महिला यात्री की भावनाएँ और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
महिला यात्री ने यह संदेश पढ़कर भावुकता व्यक्त की और अपने अनुभव को सोशल मीडिया पर साझा किया। इस पोस्ट ने तेजी से इंटरनेट पर धूम मचाई और हजारों लोगों ने इसे पढ़कर अपनी प्रतिक्रियाएँ दीं। इस घटना ने रोजगार, संघर्ष और आत्मसम्मान पर नई चर्चाएँ शुरू कर दीं। अधिकांश लोगों ने ड्राइवर के प्रयास की सराहना की और कहा कि किसी भी काम को छोटा नहीं समझना चाहिए।
इंटरनेट यूजर्स की प्रतिक्रियाएँ
कुछ लोगों ने कहा कि युवक ने सहानुभूति नहीं मांगी, बल्कि अपनी योग्यता के आधार पर अवसर की अपील की। इस कारण से, इंटरनेट पर उसकी हिम्मत और सोच की प्रशंसा की जा रही है। कई यूजर्स ने कहा कि अगर संभव हो तो उसकी मदद करें। महिला यात्री ने बाद में एक अपडेट भी साझा किया, जिसमें बताया गया कि ड्राइवर का बायोडाटा और संपर्क विवरण कुछ एचआर पेशेवरों तक पहुँचाया गया है।
आज के समय में नौकरी की तलाश
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने कहा कि आज के समय में डिग्री प्राप्त करने के बाद नौकरी मिलना आसान नहीं है। युवक का यह कदम उसकी मेहनत और आत्मविश्वास को दर्शाता है। कई इंटरनेट यूजर्स ने अपने नेटवर्क में उसकी जानकारी साझा करने का भी वादा किया। यह घटना केवल एक वायरल पोस्ट नहीं रही, बल्कि यह संदेश भी देती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म जरूरतमंद लोगों के लिए अवसरों का पुल बन सकते हैं।