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दिल्ली में सीजेपी प्रदर्शन के दौरान हमले का मामला फिर से गरमाया

दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुलाई में हुए सीजेपी प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार पर हुए हमले का मामला फिर से चर्चा में है। पुलिस ने आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ एफआईआर में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम की धाराएं जोड़ी हैं। सीजेपी के नेता पुलिस से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि भारद्वाज ने आत्मरक्षा का दावा किया है। यह मामला 2026 नीट पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें संजय कुमार को गंभीर चोटें आई थीं।
 

दिल्ली में सीजेपी प्रदर्शन के दौरान हमले का मामला


दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुलाई में आयोजित सीजेपी प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार पर हुए कथित हमले का मामला फिर से चर्चा में आया है। दिल्ली पुलिस ने आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज एफआईआर में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम की धाराएं जोड़ दी हैं। पुलिस अब उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है और जल्द ही उन्हें हिरासत में लेने की योजना बना रही है।


एफआईआर में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम की धाराएं जोड़ी गईं

दिल्ली पुलिस ने संजय कुमार पर हमले के मामले में जांच को आगे बढ़ाते हुए एफआईआर में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं शामिल की हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं और उन्हें जल्द ही हिरासत में लिया जा सकता है। जांच के दौरान, पुलिस कुमार का दोबारा चिकित्सकीय परीक्षण कराने की योजना बना रही है। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि क्या मामले में हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं जोड़ने की आवश्यकता है।


भारद्वाज का आत्मरक्षा का दावा

स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने ऊपर लगे आरोपों को अलग तरीके से प्रस्तुत किया है। उनका कहना है कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने उन्हें घेर लिया था और उन्होंने अपनी जान को खतरा महसूस किया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने आत्मरक्षा में कार्रवाई की। दूसरी ओर, उन पर आरोप है कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के सिर पर हमला किया। बाद में एक पॉडकास्ट में इस घटना का जिक्र करने और उस पर गर्व जताने का भी आरोप लगाया गया है।


सीजेपी नेताओं की पुलिस से कार्रवाई की मांग

सीजेपी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका ने मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर संसद मार्ग थाने का दौरा किया। उन्होंने पुलिस से आरोपी के खिलाफ जल्द कदम उठाने की अपील की और कहा कि प्रदर्शनकारी न्याय की तलाश में हैं। सौरव दास ने कहा कि वे बातचीत के लिए आए हैं और पुलिस को कार्रवाई का समय दे रहे हैं। उनका कहना था कि यदि उचित कदम नहीं उठाए गए, तो प्रदर्शनकारी फिर से थाने पहुंचेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों को खुलेआम नहीं घूमने दिया जाना चाहिए।


जुलाई के प्रदर्शन से शुरू हुआ विवाद

यह मामला जंतर-मंतर पर 2026 नीट पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से संबंधित है। इसी आंदोलन के दौरान निष्ठा आजाद ने आरोप लगाया था कि उनके पिता संजय कुमार के साथ मारपीट हुई और उन्हें गंभीर चोटें आईं। उन्होंने पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया और राहुल गांधी से मदद की गुहार लगाई। सीजेपी नेताओं ने पहले पुलिस पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की थी।