दिल्ली में हिमांशु भाऊ गैंग के शूटरों की गिरफ्तारी: मुठभेड़ में घायल
दिल्ली पुलिस ने गैंग के शूटरों को पकड़ा
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने हाल ही में हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़े दो शूटरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ये दोनों बक्करवाला में एक व्यक्ति की हत्या करने की योजना बना रहे थे। जब पुलिस ने कार्रवाई की, तो संदिग्धों ने पुलिस पर गोलीबारी की, जिसके परिणामस्वरूप दोनों घायल हो गए। गिरफ्तार किए गए संदिग्धों में एक नाबालिग और 19 वर्षीय समीर शामिल हैं। पुलिस ने उनके पास से दो पिस्तौल भी बरामद की हैं.
हत्या की योजना की सूचना मिली
पुलिस के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि हिमांशु भाऊ गैंग के कुछ शूटर बक्करवाला क्षेत्र में हत्या करने के लिए आ रहे हैं। इसके अलावा, गैंग के सदस्यों पर एक अस्पताल के मालिक को धमकी देने का भी आरोप है। इस सूचना के आधार पर, पुलिस ने इलाके में निगरानी बढ़ाई और संदिग्धों को पकड़ने की योजना बनाई।
संदिग्ध वाहन को रोकने का प्रयास
पुलिस ने एक संदिग्ध महिंद्रा थार वाहन को देखा और उसे रुकने का इशारा किया। लेकिन जैसे ही चालक ने पुलिस को देखा, उसने गाड़ी की गति बढ़ा दी और भागने की कोशिश की। संदिग्ध वाहन फ्लाईओवर के पास से बाहरी सड़क की ओर बढ़ने लगा। पीछा करते समय थार की टक्कर एक महिंद्रा पिकअप से हो गई, जिसके बाद दोनों संदिग्ध गाड़ी छोड़कर भागने लगे।
पुलिस पर गोलियां चलाई गईं
पुलिस के अनुसार, दोनों संदिग्ध बक्करवाला नाला रोड की दिशा में भागे। पुलिस ने उन्हें रुकने और आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि संदिग्धों ने लगभग आठ राउंड गोलियां चलाईं। इसके बाद, पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें पहले छह राउंड चेतावनी के तौर पर हवा में चलाए गए और फिर संदिग्धों को रोकने के लिए नियंत्रित गोलीबारी की गई।
एक आरोपी नाबालिग, दूसरा 19 वर्षीय
मुठभेड़ के दौरान दोनों संदिग्धों को गोली लगी। पुलिस ने उन्हें तुरंत काबू कर लिया और घायल आरोपियों को अस्पताल में भर्ती कराया। पकड़े गए आरोपियों में एक नाबालिग है, जबकि दूसरे की पहचान 19 वर्षीय समीर के रूप में हुई है, जो हरियाणा के रोहतक जिले के रिठल फोगाट गांव का निवासी है।
पुलिस ने बरामद की दो पिस्तौल, जांच जारी
पुलिस ने दोनों संदिग्धों के पास से दो पिस्तौल बरामद करने का दावा किया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन हथियारों की व्यवस्था किसने की और हत्या की योजना में और कौन लोग शामिल थे।
जांच के प्रमुख बिंदु
- हत्या के लिए किस व्यक्ति को निशाना बनाया जाना था।
- दोनों आरोपियों को किसने भेजा था।
- हथियार और वाहन की व्यवस्था कैसे हुई।
- गैंग के अन्य सदस्यों की भूमिका क्या थी।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। नाबालिग आरोपी से संबंधित कार्रवाई भी कानून के अनुसार की जाएगी।