दिल्ली में होली पर ट्रैफिक पुलिस का विशेष अभियान: 1200 से अधिक ड्रंक ड्राइविंग मामले पकड़े गए
दिल्ली में सुरक्षा के लिए ट्रैफिक पुलिस का अभियान
नई दिल्ली: होली के उत्सव के दौरान दिल्ली की सड़कों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने एक बड़ा अभियान चलाया। इस दौरान शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर विशेष ध्यान दिया गया। शहर भर में चेकिंग पॉइंट स्थापित कर ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट किए गए। पुलिस का उद्देश्य था कि त्योहार की खुशी किसी दुर्घटना में न बदल जाए। इस अभियान के तहत ड्रंक ड्राइविंग के 1,200 से अधिक मामले पकड़े गए और अन्य नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की गई।
विशेष अभियान की तैयारी
बुधवार को होली के मुख्य दिन, पुलिस ने शहर के विभिन्न हिस्सों में सक्रियता दिखाई। प्रमुख चौराहों, बाजारों और सड़कों पर बैरिकेड लगाकर वाहनों को रोका गया। हर चालक का ब्रेथ एनालाइजर से परीक्षण किया गया। पुलिस की कई टीमें दिन-रात तैनात रहीं ताकि कोई भी नशे में गाड़ी न चला सके। अधिकारियों का कहना है कि त्योहार के दौरान ऐसी सख्ती आवश्यक है।
ड्रंक ड्राइविंग के मामले
आंकड़ों के अनुसार, पश्चिमी रेंज में ड्रंक ड्राइविंग के 297 मामले दर्ज किए गए, जो सबसे अधिक हैं। सेंट्रल रेंज में 257, नॉर्दर्न में 256, ईस्टर्न में 208, साउदर्न में 117 और न्यू दिल्ली रेंज में 69 मामले सामने आए। कुल मिलाकर 1,200 से अधिक चालान ड्रंक ड्राइविंग के लिए काटे गए। पुलिस ने बताया कि नशे में गाड़ी चलाना सबसे बड़ा खतरा है।
अन्य ट्रैफिक उल्लंघनों पर कार्रवाई
ड्रंक ड्राइविंग के अलावा, सीट बेल्ट न लगाने, बिना हेलमेट बाइक चलाने, ट्रिपल राइडिंग और तेज गति जैसे मामलों में भी पुलिस ने सक्रियता दिखाई। इन उल्लंघनों के लिए 3,725 चालान किए गए। ईस्टर्न रेंज में सबसे अधिक 740, वेस्टर्न में 672, साउदर्न में 646 और सेंट्रल में 627 चालान काटे गए। अन्य रेंज में भी सैकड़ों चालान जारी हुए।
सुरक्षा का संदेश
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि होली जैसे अवसर पर सड़क दुर्घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए यह अभियान चलाया गया। नशे में गाड़ी चलाने से दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे त्योहार मनाएं, लेकिन सुरक्षित तरीके से। इस अभियान ने सड़कों पर अनुशासन बढ़ाया और कई संभावित हादसों को टाल दिया।