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दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2026: मतदान प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था

दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव 2026 के लिए मतदान आज हो रहा है। इस चुनाव में चार केंद्रीय पदों के लिए 20 उम्मीदवार मैदान में हैं। कुल 1,51,842 छात्र मतदान के लिए योग्य हैं, और सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है। जानें मतदान प्रक्रिया, उम्मीदवारों और चुनावी नियमों के बारे में।
 

दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव का मतदान


नई दिल्ली। आज, 18 सितंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2026-27 के लिए मतदान हो रहा है। इस चुनाव में छात्र चार प्रमुख पदों - अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के लिए अपने प्रतिनिधियों का चयन कर रहे हैं। इस बार कुल 20 उम्मीदवार इन चार पदों के लिए चुनावी मैदान में हैं। मतदान प्रक्रिया की बात करें तो इस बार 1,51,842 छात्र वोट देने के योग्य हैं। मतदान दो शिफ्ट में आयोजित किया जा रहा है: सुबह और डे-क्लास के छात्रों के लिए सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक, जबकि इवनिंग कॉलेज के छात्रों के लिए दोपहर 3 बजे से शाम 7:30 बजे तक।


इस चुनाव में लगभग 1,100 Electronic Voting Machines (EVMs) का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें 830 बैलेट यूनिट और 281 कंट्रोल यूनिट शामिल हैं। विश्वविद्यालय ने चुनाव के लिए 158 पोलिंग बूथ और 12 कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। ABVP ने अध्यक्ष पद के लिए यश डबास, उपाध्यक्ष के लिए ईशु मौर्य, सचिव के लिए रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव के लिए लक्ष्यराज सिंह को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, NSUI की ओर से विजय शंकर मीणा, वीर चतरथ, नम्रता चौधरी और गोपाल चौधरी को मैदान में उतारा गया है। AISA-SFI गठबंधन ने भी अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है।


हालांकि, इस बार DUSU चुनाव केवल मतदान के कारण चर्चा में नहीं है। सुरक्षा और चुनावी नियमों को लेकर भी स्थिति गंभीर है। 17 सितंबर को दिल्ली हाई कोर्ट ने चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा और बाहरी लोगों की मौजूदगी पर दिल्ली विश्वविद्यालय और दिल्ली पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी। अदालत ने चेतावनी दी थी कि यदि उठाए गए कदम संतोषजनक नहीं हुए, तो मतगणना या परिणामों की घोषणा पर रोक लगाई जा सकती है। इस कारण आज नॉर्थ और साउथ कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है।


अब सभी की नजर 19 सितंबर पर होगी, जब वोटों की गिनती की जाएगी। मतदान समाप्त होने के बाद EVMs को सील करके निर्धारित मतगणना केंद्र तक पहुंचाया जाएगा। इस बार DUSU चुनाव के परिणामों के साथ-साथ चुनावी नियमों और कैंपस सुरक्षा पर भी सभी की नजरें रहेंगी।