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दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों का आंदोलन जारी, कांग्रेस का समर्थन

दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों का आंदोलन चौथे दिन भी जारी है, जिसमें भूख हड़ताल भी शामिल है। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों पर कोई ठोस उत्तर नहीं दे रहा है। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने धरना स्थल पर पहुंचकर छात्रों के प्रति समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह हमला शिक्षा पर सुनियोजित हमले का हिस्सा है। छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
 

शिक्षा पर सुनियोजित हमले का आरोप


दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों का आंदोलन तेजी से बढ़ रहा है। डीयू सत्याग्रह आज चौथे दिन भी जारी है, जबकि भूख हड़ताल को दो दिन हो चुके हैं। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों पर कोई ठोस उत्तर नहीं दे रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संदीप दीक्षित भी धरना स्थल पर पहुंचे और छात्रों के प्रति समर्थन व्यक्त किया।


कांग्रेस पार्टी का समर्थन

कांग्रेस की ओर से जारी एक बयान में, दीक्षित ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय की स्वायत्तता पर यह हमला कोई अलग घटना नहीं है, बल्कि यह शिक्षा पर सुनियोजित हमले का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि नीट से लेकर जंतर-मंतर और अब डीयू तक एक समान प्रवृत्ति देखी जा रही है। कांग्रेस पार्टी छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है।


शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता की रक्षा

पूर्व सांसद ने यह भी कहा कि सरकारी शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए। एनएसयूआई का आरोप है कि जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने निष्पक्षता नहीं दिखाई।


कुलपति का प्रतिनिधिमंडल

छात्रों का कहना है कि कुलपति ने उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी। आंदोलनकारियों ने बताया कि कुलपति के प्रतिनिधिमंडल ने धरना स्थल पर पहुंचकर भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की, लेकिन मांगों पर कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया। छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रतिनिधिमंडल ने उनकी मांगों पर चर्चा करने के बजाय भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी।


भूख हड़ताल जारी

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के उपाध्यक्ष कार्यालय ने आंदोलन में शामिल छात्रों को उनके संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करने के लिए प्रशंसा पत्र भी जारी किया। छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक डीयू सत्याग्रह और भूख हड़ताल दोनों जारी रहेंगे।