दिल्ली शराब नीति मामले में केजरीवाल और अन्य को मिली बरी
दिल्ली की राजनीति में नया मोड़
नई दिल्ली: दिल्ली में विवादास्पद शराब नीति से जुड़े मामले में आज एक महत्वपूर्ण निर्णय आया है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और विजय नायर को इस मामले में बरी कर दिया है। अदालत के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने कहा कि सत्य की हमेशा विजय होती है।
सुनीता केजरीवाल की खुशी
जैसे ही अदालत का निर्णय आया, अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने एक भावुक पोस्ट में लिखा, 'इस संसार में कोई कितना भी शक्तिशाली हो जाए, शिव शक्ति से ऊपर नहीं हो सकता। सच की हमेशा जीत होती है।' इस फैसले के बाद दिल्ली की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू होने की संभावना है, क्योंकि अदालत ने जांच एजेंसी की लापरवाही को भी उजागर किया है।
कोर्ट का निर्णय
शराब नीति मामले में कोर्ट ने क्या कहा?
विशेष न्यायाधीश जितेन्द्र सिंह ने इस मामले की सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण आदेश दिया। अदालत ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की 'ओवरऑल साजिश' या 'आपराधिक मंशा' का कोई प्रमाण नहीं मिला है। न्यायाधीश ने यह भी कहा कि अरविंद केजरीवाल को बिना किसी ठोस साक्ष्य के आरोपित किया गया था। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपों का कोई तार्किक आधार नहीं है।
CBI की कार्यशैली पर सवाल
CBI को फटकार और आरोपपत्र की कमियां
निर्णय सुनाते हुए अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई। जज ने कहा कि एजेंसी ने बिना पुख्ता सबूत के इन नेताओं को इस मामले में शामिल किया। अदालत ने आरोपपत्र का विश्लेषण करते हुए पाया कि इसमें कई खामियां हैं। कोर्ट के अनुसार, जांच एजेंसी द्वारा पेश किए गए दावों का समर्थन करने के लिए न तो कोई विश्वसनीय गवाह है और न ही कोई ठोस बयान। अदालत ने यह भी कहा कि मनीष सिसोदिया के खिलाफ भी कोई प्रथम दृष्टया मामला नहीं बनता है।