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दिल्ली सरकार ने 'दुर्गा EV ऑटो योजना' को दी मंजूरी, 1300 परमिट महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स के लिए

दिल्ली सरकार ने 'दुर्गा EV ऑटो योजना' को मंजूरी दी है, जिसमें 1300 इलेक्ट्रिक ऑटो परमिट महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए आरक्षित हैं। यह योजना सार्वजनिक परिवहन में उनकी भागीदारी को बढ़ाने और रोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई गई है। योजना के तहत, 13 जिलों में 100 परमिट प्रत्येक जिले के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसके साथ ही, आर्थिक आत्मनिर्भरता और महिला सुरक्षा पर भी ध्यान दिया गया है।
 

दिल्ली सरकार की नई पहल


दिल्ली सरकार ने 'दुर्गा EV ऑटो योजना' को मंजूरी दी है: यह योजना महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने और रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए बनाई गई है। दिल्ली कैबिनेट ने इस योजना के तहत 1300 इलेक्ट्रिक ऑटो के परमिट जारी करने का निर्णय लिया है। इन परमिट का लाभ केवल महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को मिलेगा। इस योजना का पूरा नाम DURGA (ड्राइविंग अपलिफ्टमेंट एंड रोजगार फॉर वूमेन/ट्रांसजेंडर ग्रीन ई-ऑटो) है। इसे 2026-27 के बजट में पेश किया गया था, जिसमें पहले चरण में 1,000 महिलाओं और 100 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को नए ऑटो परमिट देने का प्रस्ताव था।


परमिट का वितरण

योजना के तहत, दिल्ली के 13 जिलों में प्रत्येक जिले के लिए 100 ई-ऑटो परमिट का प्रावधान किया गया है। कुल 1300 परमिट में से 90 प्रतिशत महिलाओं और 10 प्रतिशत ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए आरक्षित किए गए हैं। इस प्रकार, 1170 महिलाओं और 130 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को ये परमिट मिल सकते हैं। चयनित लाभार्थियों को लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) जारी किया जाएगा, जिससे उन्हें ई-ऑटो परमिट प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।


आर्थिक आत्मनिर्भरता पर ध्यान

दिल्ली सरकार ने DURGA योजना को महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। इस योजना के तहत, ई-ऑटो से जुड़े लाभार्थियों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने और उनके लिए आजीविका के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया है। मार्च में पेश बजट में ई-ऑटो खरीद के लिए 20 करोड़ रुपये की सब्सिडी और ब्याज सहायता का प्रस्ताव रखा गया था।


महिला सुरक्षा का भी ध्यान

दिल्ली सरकार ने DURGA योजना को महिला सुरक्षा और ग्रीन परिवहन के साथ जोड़कर देखा है। 2026-27 के बजट में महिलाओं की सुरक्षा के लिए 50,000 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने और 11 नए वन-स्टॉप सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा गया था। इस योजना के माध्यम से महिलाओं की सार्वजनिक परिवहन में भागीदारी बढ़ाने की उम्मीद है, जिससे उन्हें आय का एक नया स्रोत मिलेगा।