दिल्ली हाई कोर्ट ने कपिल मिश्रा के मामले की सुनवाई स्थगित की
दिल्ली हाई कोर्ट ने कानून मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणी के मामले की सुनवाई को स्थगित कर दिया है। न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की पीठ ने यह निर्णय तब लिया जब मिश्रा के वकील ने दस्तावेजों की पठनीयता पर सवाल उठाया। अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके पीछे की कहानी।
Aug 29, 2025, 15:34 IST
दिल्ली हाई कोर्ट का निर्णय
दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को निचली अदालत से अनुरोध किया कि वह दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ 2020 के विधानसभा चुनावों से पहले की कथित भड़काऊ टिप्पणियों के मामले की सुनवाई को स्थगित करे। न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की पीठ ने यह आदेश तब दिया जब मिश्रा के वकील महेश जेठमलानी ने अदालत को बताया कि दिल्ली पुलिस ने अपने पूरक आरोपपत्र में प्लेटफॉर्म एक्स से प्राप्त दस्तावेजों को शामिल किया है, जिनमें मिश्रा के खाते की जानकारी थी, लेकिन ये दस्तावेज कोडित और समझने में कठिन थे।
जेठमलानी ने अदालत से अपील की कि निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाई जाए, यह कहते हुए कि मामला शुक्रवार को आरोपों पर बहस के लिए सूचीबद्ध था और अभियोजन पक्ष के लिए दस्तावेजों का एक पठनीय संस्करण उपलब्ध कराना आवश्यक है।
अगली सुनवाई की तिथि
उन्होंने यह भी कहा कि शहर की अदालत के 7 मार्च के आदेश के खिलाफ उनकी अपील, जिसमें कार्यवाही को रद्द करने से इनकार किया गया था, यदि ट्रायल कोर्ट आगे बढ़ता है तो निष्फल हो जाएगी। अदालत ने इस पर विचार करते हुए निचली अदालत से अनुरोध किया कि वह सुनवाई को उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित तिथि के बाद की किसी तिथि पर स्थगित करे। अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि चूंकि समय की कमी है, इसलिए आज याचिका पर सुनवाई और उसका निपटारा संभव नहीं है। निचली अदालत से अनुरोध किया गया है कि वह आरोप पर सुनवाई इस अदालत द्वारा निर्धारित तिथि के बाद की किसी तिथि पर स्थगित करे।
मिश्रा के खिलाफ मामला
कपिल मिश्रा के खिलाफ कार्यवाही 24 जनवरी, 2020 को दर्ज एक प्राथमिकी (एफआईआर) से शुरू हुई थी, जिसमें उन पर सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने के आरोप लगाए गए थे, जिससे आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) और जनप्रतिनिधित्व (आरपी) अधिनियम का उल्लंघन हुआ।