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दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में नाकाम आतंकी साजिश का खुलासा

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 में एक गंभीर आतंकी साजिश को विफल किया गया। को-पायलट ने कैप्टन पर चाकू से हमला किया, जिससे इज़राइल में 9/11 जैसे हमले का खतरा उत्पन्न हुआ। इज़राइली अधिकारियों ने विमान को मार गिराने की योजना बनाई, लेकिन यात्रियों और कर्मचारियों ने मिलकर स्थिति को संभाला। जांच में को-पायलट के इरादों पर सवाल उठाए गए हैं। जानें इस घटना के सभी पहलुओं के बारे में।
 

फ्लाइट 1073 में हमले की कोशिश

दुबई से तेल अवीव की ओर उड़ान भर रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 में एक गंभीर और भयावह साजिश को विफल किया गया। कॉकपिट में को-पायलट ने कैप्टन पर चाकू से हमला किया और विमान को गिराने का प्रयास किया, जिससे इज़राइल में 9/11 जैसे हमले का खतरा उत्पन्न हो गया। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इज़राइली अधिकारियों ने 174 यात्रियों से भरे इस विमान को हवा में ही मार गिराने की योजना बनाई थी। यह घटना तब हुई जब विमान अचानक हजारों फीट नीचे गिरने लगा, जिसमें 150 से अधिक इज़राइली नागरिक सवार थे।


इमरजेंसी प्रोटोकॉल का सक्रियण

इज़राइली सूत्रों के अनुसार, देश में ऐसे संभावित हमलों से निपटने के लिए पहले से तय प्रक्रियाएँ हैं। जब विमान लगभग 14,000 फीट नीचे गिरा, तो इज़राइली वायु सेना ने कॉकपिट से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। स्थिति का आकलन करने के लिए तुरंत एक पूर्वनिर्धारित समिति को सक्रिय किया गया और एक कमांड सेंटर स्थापित किया गया।


फाइटर जेट्स की तैनाती

इज़राइल ने फाइटर जेट्स को भेजा और एयरस्पेस को बंद कर दिया, क्योंकि अधिकारियों को आशंका थी कि विमान खतरा पैदा कर सकता है। बाद में, जब विमान सऊदी अरब की दिशा में मुड़ गया, तो इज़राइल के जेट्स को वापस बुला लिया गया। यात्रियों ने मिलकर को-पायलट पर काबू पाया और दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभाला। अंततः, विमान ने सऊदी अरब के तबुक में आपात लैंडिंग की।


हमलावर की पहचान और इरादे

जांच में को-पायलट के इरादों पर सवाल उठाए गए हैं। एक इज़राइली अधिकारी ने बताया कि को-पायलट ने फ्लाईदुबई में शामिल होने से पहले ही हमले की योजना बनाई थी। उसकी पहचान ओमान के नागरिक हमम अल-हमामी के रूप में की गई है, जिसका इरादा विमान को बेन गुरियन एयरपोर्ट पर गिराने का था।


जांच की प्रगति

इज़राइली जांचकर्ताओं का मानना है कि यह हाईजैकिंग की कोशिश संभवतः एक 'लोन-वुल्फ़' हमला था। हालांकि, जांच अभी भी जारी है और अधिकारी इस घटना के सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रहे हैं।