देशभर में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल: 5-डे वर्किंग की मांग
बैंक हड़ताल का विवरण
बैंक हड़ताल आज: शुक्रवार को देशभर में सरकारी और निजी बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने कई लंबित मांगों के साथ-साथ पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने के लिए यह हड़ताल बुलाई है। इसका प्रभाव बैंक शाखाओं में कामकाज पर सबसे अधिक पड़ेगा। शुक्रवार की हड़ताल के बाद, 12 सितंबर को सेकंड सैटरडे और 13 सितंबर को रविवार है, जिससे कई स्थानों पर तीन दिनों तक बैंक बंद रहेंगे। इस दौरान यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और एटीएम जैसी डिजिटल सेवाएं चालू रहेंगी। UFBU ने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की हड़ताल का भी ऐलान किया है और यदि मांगों का समाधान नहीं होता है, तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।
बैंक कर्मचारियों की हड़ताल का कारण
इस आंदोलन का मुख्य मुद्दा फाइव-डे बैंकिंग है। बैंक यूनियनें लंबे समय से मांग कर रही हैं कि बैंकों में हर सप्ताह केवल सोमवार से शुक्रवार तक काम हो और शनिवार को छुट्टी रहे। UFBU का कहना है कि इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के साथ 8 मार्च 2024 को हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते में पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने पर सहमति बनी थी। प्रस्ताव के अनुसार, शनिवार की छुट्टी के बदले सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना कामकाज का समय लगभग 40 मिनट बढ़ाया जाना था। यूनियनों के अनुसार, IBA की सहमति और सरकार को प्रस्ताव भेजे जाने के बावजूद इसे लागू नहीं किया गया है।
5-डे बैंकिंग लागू होने पर संभावित बदलाव
वर्तमान में, बैंक कर्मचारियों को महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी मिलती है। यदि 5-डे बैंकिंग लागू होती है, तो हर शनिवार बैंक शाखाओं में नियमित अवकाश रहेगा। सोमवार से शुक्रवार तक कामकाज होगा, और रोजाना काम के समय में लगभग 40 मिनट की बढ़ोतरी प्रस्तावित है। ग्राहकों के लिए शाखा जाने के दिन कम होंगे, लेकिन डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते उपयोग के बीच, यूनियनें इसे कर्मचारियों के लिए आवश्यक बदलाव मानती हैं। UFBU का कहना है कि पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने के लिए सरकार को स्पष्ट समयसीमा देनी चाहिए।
सरकार का PLI विवाद पर निर्णय
बैंक कर्मचारियों की दूसरी बड़ी आपत्ति परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) को लेकर थी। यूनियनों ने उस व्यवस्था का विरोध किया था, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों के लिए व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर अधिक PLI और निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए कम प्रोत्साहन की व्यवस्था थी। यूनियनों ने इसे असमान बताया था। हालांकि, अब इस मामले में एक महत्वपूर्ण अपडेट आया है। वित्त मंत्रालय ने 7 सितंबर 2026 को निर्णय लिया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारियों के लिए वित्त वर्ष 2025-26 की PLI योजना को फिलहाल लागू नहीं किया जाएगा। इसे ‘अबेयन्स’ में रखा गया है और आगे की चर्चा द्विपक्षीय समझौते और संयुक्त नोट की प्रक्रिया के दौरान की जाएगी।
ग्राहकों को संभावित परेशानियाँ
हड़ताल का सीधा प्रभाव मुख्य रूप से शाखा आधारित सेवाओं पर पड़ेगा। ग्राहकों को बैंक काउंटर पर नकद जमा और निकासी, चेक से जुड़े काम, पासबुक अपडेट, केवाईसी से जुड़े कार्य, दस्तावेज जमा करना, कुछ ऋण और शाखा संबंधी सेवाओं में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, डिजिटल चैनलों पर कामकाज जारी रहने की उम्मीद है। इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम जैसी सेवाएं सामान्यतः चालू रह सकती हैं, लेकिन किसी विशेष बैंक की तकनीकी या परिचालन स्थिति अलग हो सकती है।