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नई दिल्ली में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स का राष्ट्रीय सम्मेलन

नई दिल्ली में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें ड्रग तस्करी के बदलते तरीकों पर चर्चा की गई। गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में, सरकार ने नशीले पदार्थों की तस्करी के संपूर्ण नेटवर्क और उसकी फंडिंग पर कार्रवाई करने की योजना बनाई है। सम्मेलन में ड्रोन, डार्कनेट और क्रिप्टोकरेंसी के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया गया। यह सम्मेलन राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाने के लिए भी महत्वपूर्ण था।
 

राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

नई दिल्ली में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के प्रमुखों का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में, ड्रग तस्करी के नए तरीकों पर चर्चा की गई। सरकार अब केवल नशीले पदार्थों को पकड़ने पर ध्यान केंद्रित नहीं कर रही है, बल्कि तस्करी के संपूर्ण नेटवर्क और उसकी वित्तीय गतिविधियों पर भी कार्रवाई करने की योजना बना रही है।


तस्करी के नए तरीके

ड्रोन और डार्कनेट का उपयोग

ड्रग तस्करों ने तकनीकी साधनों का उपयोग बढ़ा दिया है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौतियाँ भी बदल गई हैं। सीमाओं के पार नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए ड्रोन का उपयोग, इंटरनेट के छिपे हुए नेटवर्क के माध्यम से सौदों का निष्पादन और डिजिटल भुगतान के तरीके सामने आ रहे हैं। ऐसे नेटवर्क को रोकने के लिए एजेंसियों के बीच तकनीकी जानकारी और खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान करने पर जोर दिया जा रहा है।


नई रणनीति का उद्देश्य

संपूर्ण सप्लाई नेटवर्क पर ध्यान

सरकार की नई रणनीति में केवल ड्रग्स की एक खेप को पकड़ने से आगे बढ़कर पूरे सप्लाई नेटवर्क को लक्षित करने की बात की गई है। इसमें तस्करों के बीच संबंधों, सिंथेटिक ड्रग्स बनाने वाली गुप्त प्रयोगशालाओं, सप्लाई चैन और अवैध आय के स्रोतों की जांच शामिल है। 2026-2029 के विजन डॉक्यूमेंट में नेटवर्क और कार्टेल को तोड़ने के लिए समन्वित कार्रवाई को एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।


क्रिप्टोकरेंसी की चुनौती

ड्रग तस्करी में डिजिटल माध्यमों का उपयोग

ड्रग तस्करी में क्रिप्टोकरेंसी और अन्य डिजिटल माध्यमों के उपयोग की जांच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार के विजन डॉक्यूमेंट में सभी एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स में डार्कनेट और क्रिप्टो जांच से संबंधित क्षमताओं को विकसित करने, आधुनिक तकनीक और AI आधारित विश्लेषण के उपयोग की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य ऑनलाइन संगठित ड्रग नेटवर्क तक पहुंच बनाना है।


राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों का तालमेल

सहयोग बढ़ाने की दिशा में कदम

सरकार का जोर राज्यों की पुलिस, एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर है। 22 सितंबर को आयोजित तीसरे राष्ट्रीय एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स सम्मेलन में 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दो दिवसीय सम्मेलन में ड्रग कार्टेल, सिंथेटिक ड्रग्स, गुप्त प्रयोगशालाएँ, डार्कनेट और क्रिप्टो जांच जैसे मुद्दों पर रणनीतियों पर चर्चा की गई।