नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सड़क दुर्घटना में आठ महिला श्रमिकों की जान गई
भीषण सड़क हादसे में महिलाओं की मौत
महाराष्ट्र के नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक गंभीर सड़क दुर्घटना में आठ महिला श्रमिकों की जान चली गई और तीन अन्य घायल हो गए। यह हादसा बुधवार शाम को कड़वंची गांव के निकट हुआ। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की।
आर्थिक सहायता की घोषणा
पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने भी इस दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है। उन्होंने यह भी कहा कि घायलों का इलाज अच्छे से चल रहा है।
महिलाएं सफाई का काम खत्म कर लौट रही थीं
पुलिस के अनुसार, ये महिलाएं एक्सप्रेसवे पर सफाई का कार्य समाप्त करके टेंपो से घर लौट रही थीं, तभी एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनके टेंपो को पीछे से टक्कर मार दी। टेंपो में चालक सहित कुल 11 लोग सवार थे। पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर
पुलिस ने बताया कि ट्रक मुंबई की दिशा में जा रहा था। जैसे ही महिला श्रमिकों वाला टेंपो आगे बढ़ा, ट्रक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। इस टक्कर में सात महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ने जालना के सरकारी अस्पताल में दम तोड़ दिया। टेंपो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और शव सड़क पर बिखरे पड़े थे।
मृतकों की पहचान
मृतकों में से अधिकांश महिलाएं 35 से 70 वर्ष की आयु के बीच थीं। जालना तहसील की रहने वाली इन महिलाओं की पहचान कडूबाई मदन (55), अल्काबाई (45), कंचन (50), लक्ष्मीबाई मदन (35), सुमन (70), मीना (45) और ताराबाई चौधरी (60) के रूप में हुई है। आठवीं महिला की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। घायल अस्पताल में भर्ती हैं।