नीट परीक्षा लीक पर राहुल गांधी का जोरदार विरोध, धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग
दिल्ली में नीट परीक्षा लीक के खिलाफ प्रदर्शन
नई दिल्ली। नीट परीक्षा के लीक होने के मामले में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल चुका है। सरकार इस मुद्दे पर बैकफुट पर नजर आ रही है, जबकि विपक्ष इस अवसर को भुनाने में जुटा है। इसी संदर्भ में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लगातार दूसरे दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की।
राहुल ने शनिवार को प्रेस कांन्फ्रेंस में कहा, 'यदि सरकार यह सोचती है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रालय बदलने से मामला सुलझ जाएगा, तो हम ऐसा नहीं होने देंगे। उन्हें अपने पद से हटना होगा।' उन्होंने आगे कहा, 'नरेंद्र मोदी को युवाओं से माफी मांगनी होगी। वे भारत के अतीत हैं, और अतीत कभी भविष्य से नहीं लड़ सकता।' इस दौरान कुछ छात्र भी प्रदर्शन में शामिल थे।
राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान को बताया अपराधी शिक्षा मंत्री
राहुल गांधी ने 20 जुलाई को भी नीट परीक्षा लीक पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिसमें उन्होंने कहा था, 'धर्मेंद्र प्रधान एक अपराधी शिक्षा मंत्री हैं। वे हमारे शिक्षा प्रणाली के ध्वस्त होने का प्रतीक हैं। उन्हें जाना होगा। उनके कारण हजारों लोग सड़कों पर हैं।' इस कॉन्फ्रेंस में राहुल ने एक 19 वर्षीय छात्र को भी साथ लाया, जो प्रदर्शन के दौरान घायल हो गए थे। उन्होंने छात्र के घावों को दिखाते हुए कहा, 'यह मेरा भाई है, जो शांतिपूर्ण तरीके से तिरंगा लेकर प्रदर्शन कर रहा था, तभी उसे पैलेट गन से चोट लगी।'
घायल छात्र की स्थिति
प्रोटेस्ट के दौरान घायल हुआ छात्र साहिल (फोटो साभार: दैनिक भास्कर)
राहुल गांधी ने जिस छात्र का जिक्र किया, उनका नाम साहिल लोचाब है। 19 वर्षीय साहिल दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के छात्र हैं। रिपोर्ट के अनुसार, साहिल 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल हुए थे, जहां पुलिस की पैलेट गन से उनकी दाहिनी आंख पर चोट आई। परिवार के सदस्यों ने बताया कि उन्हें AIIMS के जयप्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में सर्जरी कराई गई है। डॉक्टरों ने कहा कि आंख की पुतली को गंभीर नुकसान पहुंचा है, जिससे आंख की रोशनी लौटने की संभावना केवल 1% है।