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नूरपुर मातृ-शिशु अस्पताल का जल्द उद्घाटन, दो महीने में पूरा होगा कार्य

नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण कार्य जल्द पूरा होने की उम्मीद है। भाजपा विधायक रणवीर सिंह ने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया है, जबकि क्षेत्र की जनता को अगले दो महीनों में अस्पताल के उद्घाटन का आश्वासन दिया गया है। यह अस्पताल हजारों माताओं और नवजात शिशुओं के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा साबित होगा। क्या यह सपना नूरपुरवासियों का साकार हो सकेगा? जानें पूरी कहानी में।
 

नूरपुर में मातृ-शिशु अस्पताल की स्थिति

नूरपुर (विनय महाजन)- नूरपुर विधानसभा क्षेत्र, जो जिला कांगड़ा में स्थित है, में मातृ-शिशु अस्पताल एक बार फिर चर्चा का विषय बना हुआ है। भाजपा विधायक रणवीर सिंह ने कहा है कि उन्होंने इस मुद्दे को विधानसभा में कई बार उठाया है, लेकिन सरकार ने पिछले चार वर्षों में नूरपुर क्षेत्र में विकास कार्यों में भेदभाव किया है। उनका आरोप है कि इसका कारण उनका भाजपा से निर्वाचित होना है।


नूरपुर का सिविल नागरिक अस्पताल केवल एक इमारत नहीं है, बल्कि यह हजारों माताओं और नवजात शिशुओं की उम्मीदों से जुड़ा हुआ है। वर्षों से इस अस्पताल का निर्माण कार्य राजनीतिक खींचतान और देरी के कारण रुका हुआ था। अब, इसके जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है। इस अस्पताल के खुलने से नूरपुर, फतेहपुर, इंदौरा, ज्वाली और चंबा जिले के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। कुछ सामाजिक संस्थाओं का मानना है कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा द्वारा किए गए शिलान्यास के बाद क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीद थी। लेकिन वर्षों बीतने के बावजूद अस्पताल का पूरा निर्माण नहीं हो सका। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पताल की दूरी के कारण परिवारों को समय, दूरी और खर्च की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।


इसलिए, नूरपुर में मातृ-शिशु अस्पताल का उद्घाटन हजारों परिवारों के लिए केवल एक स्वास्थ्य सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा और भरोसे की नई उम्मीद है। क्षेत्र की जनता को आश्वासन दिया गया है कि अगले दो महीनों में इसका कार्य पूरा कर लिया जाएगा और इसे जल्द ही जनता को समर्पित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के बुद्धिजीवी वर्ग का कहना है कि भाजपा शासन में मौजूदा मंत्री ने अस्पताल का उद्घाटन जल्दबाजी में किया था, जबकि उस समय बिजली और पानी की सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस पार्टी के किसी भी कार्यकर्ता ने इसका विरोध नहीं किया। अब, जब प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार है और विधानसभा चुनावों में एक वर्ष से अधिक समय बचा है, तो क्या यह सपना नूरपुरवासियों का साकार हो सकेगा?