नेतन्याहू के चुनावी चमत्कार: वेस्टर्न वॉल पर प्रार्थना का असर
नेतन्याहू का चुनावी जादू
इजराइल के चुनावों में बेंजामिन नेतन्याहू के लिए एक अप्रत्याशित मोड़ आया है। हाल ही में चुनावी रुझान अचानक उनके पक्ष में बदलते नजर आ रहे हैं। कई लोग मानते हैं कि नेतन्याहू ने यरूशलम की वेस्टर्न वॉल पर जो किया, उसने उन्हें जीत दिलाने में मदद की। उन्होंने वहां एक पर्ची छोड़ी, जिसमें उनकी इच्छाएं लिखी थीं। यह मान्यता है कि इस दीवार की दरारों में अपनी इच्छाएं डालने से वे पूरी होती हैं। ताजा रुझानों के अनुसार, नेतन्याहू अपने प्रतिद्वंद्वी से काफी आगे निकल चुके हैं।
यह वेस्टर्न वॉल यहूदियों के लिए अत्यंत पवित्र मानी जाती है। प्राचीन काल में यहां एक भव्य मंदिर था, जिसे सेकंड टेंपल कहा जाता था, जिसे रोमनों ने नष्ट कर दिया था। इस विनाश के बावजूद, वेस्टर्न वॉल बच गई है और यह मंदिर की अंतिम निशानी मानी जाती है। नेतन्याहू ने इस दीवार को छूने के बाद अचानक कैसे आगे बढ़े, यह जानने के लिए हमें उनके पिछले अनुभवों पर ध्यान देना होगा।
पर्ची पर लिखा संदेश
नेतन्याहू अक्सर महत्वपूर्ण मौकों पर इस पवित्र दीवार पर आते हैं। जून 2025 में ईरान पर हवाई हमले से पहले भी वह यहां आए थे और एक पर्ची में बाइबल की एक पंक्ति लिखी थी। उस समय, यह पर्ची इजराइल के सैन्य ऑपरेशन का नाम बनी, जिसे ऑपरेशन राइजिंग लायन कहा गया। इस बार भी, वोटिंग के दिन सुबह-सुबह नेतन्याहू ने वेस्टर्न वॉल पर जाकर एक नया संदेश लिखा। उन्होंने लिखा कि यह संदेश इजराइली सेना के लिए है, जिसमें उन्होंने अपने नायकों के जीवन और दुश्मनों पर विजय की कामना की।
इस बार, जब चार में से तीन ओपिनियन पोल्स में उनके प्रतिद्वंद्वी गादी आइसनकोट को जीतता हुआ दिखाया गया, तब नेतन्याहू ने यह संदेश लिखा।
मुस्लिम वोटर्स की भागीदारी
नेतन्याहू को हराने के लिए लाखों मुस्लिम मतदाता मतदान के लिए निकले। मुस्लिम इलाकों में बंपर वोटिंग देखी गई, जिसमें 1999 के बाद पहली बार 77% मतदान हुआ। लेकिन वेस्टर्न वॉल पर नेतन्याहू की प्रार्थना के बाद अचानक एक बड़ा चमत्कार हुआ। नेतन्याहू ने जिन इजराइली सैनिकों के लिए संदेश लिखा था, शायद उन्हीं सैनिकों ने उन्हें वोट देकर समर्थन दिया।
वर्तमान रुझानों के अनुसार, नेतन्याहू के गठबंधन को 55 सीटें मिलने की संभावना है, जबकि आइजनकोट के गठबंधन को 50 सीटें मिल सकती हैं। इजराइल में सैनिकों के बीच मतदान की दर 79.9% रही है, जो पिछले चुनावों की तुलना में 6.2% अधिक है। यह दिलचस्प है कि जब मुस्लिम इलाकों के वोटों की गिनती चल रही थी, तब नेतन्याहू पीछे थे, लेकिन जैसे ही सैनिकों के वोटों की गिनती शुरू हुई, वह आगे बढ़ने लगे।