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नेपाल में फ्लैश बाढ़ के दौरान चमत्कारिक बचाव की कहानियाँ

नेपाल में हाल ही में आई फ्लैश बाढ़ ने कई जिंदगियाँ ले लीं, लेकिन राहत कार्यों के दौरान अद्भुत बचाव की कहानियाँ भी सामने आईं। सेना ने डेढ़ महीने की बच्ची से लेकर 97 वर्षीय बुजुर्ग तक कई लोगों को सुरक्षित निकाला। जानें कैसे ये चमत्कारिक घटनाएँ हुईं और प्रभावित बच्चों की मदद के लिए यूनिसेफ क्या कर रहा है।
 

नेपाल में फ्लैश बाढ़ के बाद राहत कार्य


नेपाल में फ्लैश बाढ़ के चमत्कार: पिछले सप्ताह नेपाल में आई बाढ़ ने सैकड़ों लोगों की जान ले ली और हजारों लोग लापता हैं। इस आपदा के बाद, नेपाल की सेना ने राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने का निर्णय लिया। इस दौरान कई लोगों को बचाने की अद्भुत कहानियाँ सामने आई हैं, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।


डेढ़ महीने की बच्ची का बचाव

रसुवा जिले में, सेना ने डेढ़ महीने की एक बच्ची को बचाया। राहतकर्मियों ने उसे एक घर से सुरक्षित निकाला और धांगे कैंप में भेजा। महिला सुरक्षाकर्मियों ने उसे प्राथमिक उपचार दिया और फिर उसे सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया।


तीन दिन बाद जिंदा निकली बच्ची

फ्लैश बाढ़ के तीन दिन बाद, एक छह साल की बच्ची को कीचड़ और मलबे से जिंदा निकाला गया। यह घटना रसुवा जिले के तिमुरे गांव में हुई, जहाँ बोटे कोशी नदी के उफान से बाढ़ आई थी। आर्म्ड पुलिस फोर्स के अधिकारियों ने जमीन के नीचे से हल्की आवाजें सुनकर तुरंत खुदाई शुरू की और बच्ची को सुरक्षित निकाला।


97 वर्षीय बुजुर्ग का रेस्क्यू

97 वर्षीय गुना माया बोहरा को चार घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उनके केयर होम के मलबे से सुरक्षित निकाला गया। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी हालत में सुधार हो रहा है।


पेड़ पर चढ़कर बची जान

जोयल घाले ने जानलेवा बाढ़ से बचने के लिए जंगल में भागकर पेड़ों पर चढ़ गए। हादसे के बाद, वे अपनी मां से फिर मिले।


17,000 बच्चे प्रभावित

संयुक्त राष्ट्र की बच्चों की एजेंसी यूनिसेफ ने बताया कि काठमांडू के उत्तर में स्थित रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों में बाढ़ से कम से कम 17,000 बच्चे प्रभावित हुए हैं। एजेंसी बच्चों की पहचान और उनके परिवारों से पुनर्मिलन के लिए काम कर रही है।