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नेपाल में बाढ़ से मची तबाही: 1259 मृतक और हजारों लापता

नेपाल में 26 अगस्त को बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन के कारण आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में 1259 लोग मारे गए हैं और 5,083 लोग लापता हैं। प्रभावित परिवार अब कुशा घास के पुतलों के माध्यम से अपने लापता रिश्तेदारों का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर रहे हैं। नेपाल के विदेश मंत्री ने इसे 'हिमालयी सुनामी' करार दिया है। जानें इस संकट के बारे में और अधिक जानकारी।
 

नेपाल में बर्फबारी के बाद आई विनाशकारी बाढ़

26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के निकट बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन के कारण आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल में व्यापक तबाही मचाई है। इस आपदा के बाद, कई कस्बे और गांव पूरी तरह प्रभावित हुए हैं। कई परिवार, जिनके सदस्य लापता हैं, अब कुशा घास के पुतलों के माध्यम से उनका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर रहे हैं। विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने इस आपदा को 'हिमालयी सुनामी' कहा है।


बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति

नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के अनुसार, भोटेकोशी नदी में बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या 1,259 तक पहुंच गई है, जबकि 5,083 लोग अब भी लापता हैं। रसुवा जिले के पहरेबेसी गांव के निवासियों ने अपने लापता रिश्तेदारों का कोई सुराग न मिलने पर उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी हैं।


परिवारों का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार

द काठमांडू पोस्ट के अनुसार, बाढ़ से प्रभावित परिवार अब कुशा घास से बने पुतलों का उपयोग कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें अपने रिश्तेदारों के जीवित मिलने की उम्मीद कम होती जा रही है। कुशा घास का उपयोग हिंदू संस्कारों में किया जाता है। परिवारों ने कहा कि वे प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार का सहारा ले रहे हैं, क्योंकि शवों की पहचान करना भी कठिन हो रहा है।


भविष्य में बाढ़ का खतरा

जल एवं मौसम विज्ञान विभाग की तकनीशियन सरस्वती बिष्टा ने बताया कि भोटेकोशी नदी के ऊपरी इलाकों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे जलस्तर बढ़ने की आशंका है। उन्होंने आसपास के क्षेत्रों में रहने वालों से सतर्क रहने की अपील की है।


नेपाल सरकार का समर्थन

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने इस बाढ़ को हिमालयी सुनामी करार दिया और पड़ोसी देशों तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि नेपाल इस कठिन समय में सहयोग और एकजुटता के लिए आभारी है।


बचाव कार्य जारी

नेपाल सेना के नेतृत्व में संयुक्त बचाव दलों ने बाढ़ के नौवें दिन भी खोज और बचाव अभियान जारी रखा है। भारतीय सुरंग बचाव दल भी नेपाली सेना के साथ मिलकर काम कर रहा है।


चीन का सहयोग

गृह मंत्रालय के अनुसार, चीन ने 26 अगस्त को रसुवा में आई बाढ़ के बाद तिब्बत में फंसे 114 नेपाली नागरिकों को बचा लिया है। उन्हें नेपाल में सुरक्षित वापसी की व्यवस्था की गई है।