नेपाल में भारतीय यात्रियों के सामान पर सीमा शुल्क: भारत का विदेश मंत्रालय सक्रिय
नेपाल सरकार के नए सीमा शुल्क पर भारत की प्रतिक्रिया
नेपाल जाने वाले भारतीय यात्रियों के सामान पर सीमा शुल्क लगाने की खबरों के बीच, भारत के विदेश मंत्रालय ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। नई दिल्ली ने बताया है कि वह काठमांडू के अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर लगातार संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'हमने उन रिपोर्टों पर ध्यान दिया है जिनमें नेपाल के अधिकारियों द्वारा सीमा पार करने वाले यात्रियों से शुल्क वसूलने की बात कही गई है।'
जायसवाल ने आगे कहा, 'हम समझते हैं कि नेपाल सरकार ने यह कदम मुख्य रूप से अनौपचारिक व्यापार और तस्करी पर नियंत्रण के लिए उठाया है। हमने नेपाल के एक वरिष्ठ अधिकारी का बयान भी देखा है, जिसमें कहा गया है कि व्यक्तिगत या घरेलू उपयोग के लिए सामान ले जाने वाले आम नागरिकों को कोई समस्या नहीं होगी।'
उन्होंने यह भी कहा कि भारत इन घटनाक्रमों पर नजर रखे हुए है और संपर्क में है। नेपाल से संबंधित सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के बारे में पूछे जाने पर, प्रवक्ता ने बताया कि यह प्रावधान नया नहीं है, बल्कि नेपाल इसे अब लागू कर रहा है।
भारत-नेपाल संबंधों पर संभावित प्रभाव
भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा के कारण, रोजाना हजारों लोग व्यापार और पारिवारिक संबंधों के लिए सीमा पार करते हैं। ऐसे में किसी भी नए शुल्क का स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन पर सीधा असर पड़ सकता है। विदेश मंत्रालय ने यह सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है कि दोनों देशों के बीच सामान्य आवाजाही और द्विपक्षीय संबंधों पर इसका नकारात्मक प्रभाव न पड़े।