नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से 1200 से अधिक लोगों की मौत, लापता लोगों की तलाश जारी
नेपाल में बाढ़ का कहर
काठमांडू, 2 सितंबर: नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या बुधवार को 1200 से अधिक हो गई। हिमालयी क्षेत्र में आई इस आपदा के एक सप्ताह बाद भी बचावकर्मी हजारों लापता लोगों की खोज में जुटे हैं, जैसा कि पुलिस ने बताया।
प्रधानमंत्री का बयान
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने कहा कि इस आपदा का जलवायु परिवर्तन से संबंध अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष उठाया जाना चाहिए। बाढ़ के बाद लापता लोगों के परिवारों ने प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार भी किया। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ से प्रभावित आठ जिलों से और शव मिलने के बाद मरने वालों की संख्या 1,204 हो गई है।
लापता लोगों की संख्या
देश के मध्य हिस्सों में बाढ़ के एक हफ्ते बाद भी 4,216 लोग लापता हैं। नेपाल पुलिस के अनुसार, चितवन से 348, नवलपरासी पूर्व से 217, नवलपरासी पश्चिम से 202 और नुवाकोट से 155 शव बरामद किए गए हैं। इसी तरह, रसुवा से 115, गोरखा से 69, धादिंग से 60 और तनहुं से 38 शव मिले हैं।
शवों की पहचान और बचाव कार्य
पुलिस ने बताया कि 1,113 शवों का पोस्टमार्टम और कानूनी पहचान की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, जबकि 95 शव परिजनों को सौंपे जा चुके हैं। लापता परिजनों की पहचान में मदद के लिए 911 अज्ञात शवों का विवरण नेपाल पुलिस की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। अब तक सुरक्षा बलों ने प्रभावित क्षेत्रों से 6,541 लोगों को सुरक्षित निकाला है, जबकि 4,858 लापता लोगों की तलाश जारी है।
पुलिस की तैनाती
अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 7,912 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। ये पुलिसकर्मी खोज एवं बचाव अभियान, राहत सामग्री के वितरण और बरामद शवों के प्रबंधन में जुटे हैं। पुलिस की टीम उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों से परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, मलबे के कारण बंद सड़कों को साफ करने और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत अभियानों का समन्वय कर रही है।
बाढ़ का कारण
नेपाल-तिब्बत सीमा के निकट 26 अगस्त को बर्फ और चट्टानों के ढहने के कारण अचानक बाढ़ आई थी, जिसने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई। लगातार बारिश के कारण रसुवा और नुवाकोट में खोज एवं बचाव अभियान प्रभावित हो रहे हैं।
मौसम की स्थिति
जल तथा मौसम विज्ञान विभाग के मौसम विज्ञानी रोजान लामिछाने के अनुसार, बुधवार अपराह्न भोटेकोशी बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में मध्यम बारिश होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि भोटेकोशी बाढ़ से प्रभावित आसपास के क्षेत्रों में भी दोपहर के समय मध्यम बारिश हो सकती है।
खोज एवं बचाव अभियान में चुनौतियाँ
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के कार्यकारी प्रमुख धर्म राज उप्रेती ने बताया कि बारिश के कारण सुरंग में पानी भरने से भोटेकोशी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खोज एवं बचाव अभियान में अतिरिक्त चुनौतियाँ उत्पन्न हो गई हैं।
सुरंगों में बचाव कार्य
नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल, विदेशी तकनीकी विशेषज्ञों और परियोजना कर्मचारियों की टीम खोज एवं बचाव अभियान चला रही हैं, लेकिन वे अब तक लापता श्रमिकों का पता नहीं लगा पाई हैं।