नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से बढ़ी मौतों की संख्या, लापता लोगों की तलाश जारी
नेपाल में बाढ़ का संकट
(शिरीष बी प्रधान) काठमांडू, तीन सितंबर: नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के चलते मरने वालों की संख्या बृहस्पतिवार को 1,259 तक पहुंच गई है, जबकि 5,000 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। अपने प्रियजनों के बारे में जानकारी न मिलने के कारण परिवारों ने उनके प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह बाढ़ 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन के कारण आई थी, जिसने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई गांवों में व्यापक तबाही मचाई।
लापता लोगों की खोज
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के अनुसार, भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,259 हो गई है, जबकि 5,083 लोग अब भी लापता हैं। रसुवा जिले के पहरेबेसी गांव के निवासियों ने अपने लापता रिश्तेदारों का कोई सुराग न मिलने पर उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी हैं। द काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, परिवारों ने प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार के लिए कुशा घास से बने पुतलों का उपयोग करना शुरू कर दिया है।
भविष्य की चेतावनी
जल एवं मौसम विज्ञान विभाग की तकनीशियन सरस्वती बिष्टा ने बताया कि भोटेकोशी नदी के ऊपरी क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे जलस्तर बढ़ने की आशंका है। उन्होंने आसपास के क्षेत्रों में रहने वालों से सतर्क रहने की अपील की है। विभिन्न जिलों में नदियों में अचानक बाढ़ आने का मध्यम स्तर का खतरा बना हुआ है।
शवों की बरामदगी
नेपाल पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, चितवन जिले से 355 शव, नवलपरासी पूर्व से 218 शव, और नवलपरासी पश्चिम से 212 शव बरामद किए गए हैं। इसके अलावा, नुवाकोट से 177, रसुवा से 127, गोरखा से 72, धादिंग से 60 और तनहूं से 38 शव मिले हैं।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने इस बाढ़ को हिमालयी सुनामी करार दिया और पड़ोसी देशों तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि नेपाल इस कठिन समय में सहयोग और एकजुटता के लिए आभारी है।
स्कूली बच्चों का योगदान
नेपाल के स्कूली बच्चे भी प्रधानमंत्री राहत कोष में अपनी जेब खर्च का कुछ हिस्सा दान करके मदद कर रहे हैं। विभिन्न स्कूलों के बच्चे बाढ़ प्रभावित लोगों के कल्याण के लिए स्वेच्छा से अपने नाश्ते या जेब के पैसे दान कर रहे हैं।
बचाव अभियान जारी
नेपाल सेना के नेतृत्व में संयुक्त बचाव दलों ने बाढ़ के नौवें दिन भी खोज और बचाव अभियान जारी रखा। बाढ़ ने रसुवा और नुवाकोट की घाटियों का भू-दृश्य पूरी तरह बदल दिया है।
चीन का सहयोग
गृह मंत्रालय के अनुसार, चीन ने 26 अगस्त को रसुवा में आई बाढ़ के बाद तिब्बत में फंसे 114 नेपाली नागरिकों को बचा लिया है। उन्हें काठमांडू लाया जाएगा और फिर नेपाली अधिकारियों द्वारा उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा।