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नोएडा एयरपोर्ट पर जलभराव से राजनीतिक विवाद, अखिलेश यादव ने उठाए सवाल

गौतमबुद्ध नगर के नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बारिश के दौरान जलभराव की घटना ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। वायरल वीडियो में हवाई अड्डे के कर्मचारी जलभराव को दूर करने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। सरकार ने स्थिति को सामान्य करने का दावा किया है, लेकिन विपक्ष ने इसे लेकर सवाल उठाए हैं। जानें पूरी कहानी में क्या हुआ और सरकार ने क्या कहा।
 

गौतमबुद्ध नगर में जलभराव का मामला

गौतमबुद्ध नगर। यूपी के गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर क्षेत्र में स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बारिश के दौरान जलभराव की एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई है, जिससे राज्य में राजनीतिक हलचल मच गई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए बयान दिए हैं।


सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में हवाई अड्डे के टर्मिनल से पार्किंग और टैक्सी स्टैंड तक जाने वाले भूमिगत मार्ग में जलभराव देखा जा सकता है। वीडियो में हवाई अड्डे के कर्मचारी पानी निकालने की कोशिश करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा, खराब मौसम के कारण मंगलवार को धर्मशाला जाने वाली एक उड़ान भी रद्द कर दी गई। अखिलेश यादव ने बुधवार को 'एक्स' पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, 'अब क्या हवाई अड्डे पर नाव चलेगी? जहां बीजेपी सरकार, वहां महा-भ्रष्टाचार!'


अब क्या एअरपोर्ट पर नाव चलेगी?

जहाँ भाजपा सरकार, वहाँ महा-भ्रष्टाचार! pic.twitter.com/pahOv7dmd5

— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 12, 2026



सरकार का स्पष्टीकरण


हालांकि, हवाई अड्डे के जनसंपर्क विभाग ने इस मामले में एक बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि बारिश के बाद टर्मिनल और पार्किंग क्षेत्र को जोड़ने वाले मार्ग पर जलभराव हुआ था, लेकिन हमारी टीम ने 30 मिनट के भीतर स्थिति को सामान्य कर दिया। इससे उड़ानों के संचालन या हवाई अड्डे के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ा। प्रदेश सरकार ने भी मंगलवार रात एक बयान जारी कर कहा कि भारी बारिश के बाद जलभराव हुआ था, लेकिन हवाई अड्डे की टीम ने तुरंत कार्रवाई की और 30 मिनट में पानी की निकासी सुनिश्चित की।


हवाई अड्डे का उद्घाटन


नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जो जिले के यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में विकसित किया गया है, उत्तर प्रदेश सरकार की प्रमुख आधारभूत ढांचा परियोजनाओं में से एक है। इसके लिए लगभग 1,334 हेक्टेयर (लगभग 3,300 एकड़) भूमि का अधिग्रहण किया गया है। इस हवाई अड्डे का उद्घाटन 28 मार्च को हुआ था और वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन 15 जून से शुरू हुआ। इसे उत्तर प्रदेश सरकार के साथ निजी सार्वजनिक भागीदारी के तहत विकसित किया गया है और इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने का दावा किया गया है।