नोएडा में कर्मचारियों का वेतन वृद्धि को लेकर प्रदर्शन हिंसक हुआ
नोएडा में वेतन वृद्धि के लिए प्रदर्शन
नोएडा - उत्तर प्रदेश के नोएडा फेज-2 में एक निजी कंपनी के कर्मचारियों द्वारा वेतन वृद्धि की मांग को लेकर किया गया प्रदर्शन सोमवार को अचानक उग्र हो गया। बड़ी संख्या में एकत्रित कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया, जो धीरे-धीरे हिंसक रूप ले लिया।
प्रदर्शन के दौरान, कर्मचारियों ने कई वाहनों और कंपनी की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और पत्थरबाजी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें लंबे समय से बेहद कम वेतन पर काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “11,000 से 12,000 रुपये में आज के समय में गुजारा करना बहुत कठिन है। जब हम बाजार में सामान खरीदते हैं, तो क्या हमें सस्ती दरें मिलती हैं? हमारी मांग है कि न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रति माह किया जाए, ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से मिले और काम के घंटे निर्धारित हों।” एक अन्य कर्मचारी ने अपनी समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा, “हमें किराया, राशन और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना पड़ता है। इतनी कम आमदनी में यह सब संभालना नामुमकिन है।”
वेतन में भेदभाव का आरोप
महिला कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें 9,000 से 11,000 रुपये के बीच सैलरी मिलती है। सालों तक मेहनत करने के बाद भी इसमें कोई खास बढ़ोतरी नहीं होती। अगर कोई ज्यादा आवाज उठाता है तो 200-300 रुपये बढ़ा दिए जाते हैं, जैसे कोई बड़ा एहसान कर दिया हो। एक अन्य महिला कर्मचारी ने कहा, “हमें 10-12 घंटे काम कराया जाता है, लेकिन वेतन केवल 15,000 रुपये मिलता है। जब कोई जांच करने आता है, तो कंपनी वाले दिखाते हैं कि हमें 25,000 रुपये मिलते हैं।” कर्मचारियों का आरोप है कि कागजों पर सब कुछ सही दिखाया जाता है, लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है।
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, “12,000 रुपये में कुछ भी नहीं चल सकता। यह परिवार चलाने के लिए बिल्कुल पर्याप्त नहीं है। हमारी मांगें पूरी होनी चाहिए।” मजदूरों का आरोप है कि उन्हें प्रतिदिन केवल 500 से 700 रुपये तक की मजदूरी मिलती है, जबकि उनसे 10 से 12 घंटे तक काम कराया जाता है। इसके अलावा ओवरटाइम का उचित भुगतान नहीं किया जाता और छुट्टी व बोनस जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दी जातीं। लगातार बढ़ती महंगाई और कार्यस्थल की समस्याओं के कारण मजदूरों में असंतोष बढ़ता गया, जो अंततः हिंसक प्रदर्शन में बदल गया।
घटना के बाद, पुलिस-प्रशासन ने स्थिति को काबू में करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हालात पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
प्रदर्शन के कारण नोएडा और दिल्ली के बीच यातायात भी प्रभावित हुआ है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए बताया कि चिल्ला बॉर्डर से नोएडा लिंक रोड पूरी तरह बाधित हो गई है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले योजना बना लें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। नोएडा जाने वाले यात्रियों को डीएनडी, सराय काले खां या एनएच-24 और कोंडली ब्रिज के रास्ते जाने की सलाह दी गई है।