नोएडा में जीरो FIR: जानें इसके नियम और सामान्य FIR से अंतर
जीरो FIR का महत्व
नोएडा में हाल ही में एक मामला सामने आया है, जिसने जीरो FIR को फिर से चर्चा में ला दिया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणी से संबंधित इस मामले में नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में जीरो FIR दर्ज की गई, जिसे आगे की जांच के लिए दिल्ली पुलिस को भेजा गया। इस घटना ने लोगों के मन में यह सवाल खड़ा किया है कि जीरो FIR वास्तव में क्या होती है। अक्सर, जब कोई घटना होती है, तो लोग यह नहीं समझ पाते कि शिकायत किस थाने में दर्ज करानी चाहिए। कई बार पुलिस क्षेत्राधिकार का हवाला देकर शिकायत लेने से मना कर देती है। ऐसे में जीरो FIR का प्रावधान नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है।
जीरो FIR क्या है?
जीरो FIR एक ऐसी प्रथम सूचना रिपोर्ट है, जिसे किसी भी पुलिस थाने में दर्ज किया जा सकता है, चाहे घटना उस थाने के क्षेत्राधिकार में हुई हो या नहीं। कानून के विशेषज्ञों के अनुसार, इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पीड़ित को शिकायत दर्ज कराने के लिए विभिन्न थानों के चक्कर न लगाने पड़े। इसके बाद संबंधित पुलिस थाना मामले की आगे की जांच करता है।
जीरो FIR के नियम
दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 154 के तहत किसी भी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज की जा सकती है। यदि मामला उस थाने के अधिकार क्षेत्र का नहीं है, तो पुलिस शिकायत दर्ज कर उसे संबंधित थाने को भेज सकती है। जिस थाने में जीरो FIR दर्ज होती है, वह सामान्य परिस्थितियों में मामले की विस्तृत जांच नहीं करता और केस आगे ट्रांसफर कर दिया जाता है।
जीरो FIR और सामान्य FIR में अंतर
सामान्य FIR उसी पुलिस थाने में दर्ज होती है, जहां घटना हुई है। जबकि जीरो FIR किसी भी थाने में दर्ज की जा सकती है। इसके बाद शिकायत और दस्तावेज संबंधित क्षेत्राधिकार वाले थाने को भेज दिए जाते हैं, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच की जाती है। यही दोनों प्रक्रियाओं के बीच सबसे बड़ा अंतर है।
महिलाओं से जुड़े मामलों में प्रावधान
महिलाओं से जुड़े कुछ मामलों में विशेष कानूनी प्रावधान लागू होते हैं। उदाहरण के लिए, यदि कोई महिला अपने साथ हुई प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराती है और कानून में उपलब्ध संबंधित प्रावधान लागू होते हैं, तो पुलिस को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करनी होती है। ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया अलग-अलग परिस्थितियों के आधार पर आगे बढ़ती है।
नोएडा में हालिया मामला
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी का वीडियो सामने आने के बाद नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 352, 353(1) और 356(1) के तहत जीरो FIR दर्ज की और मामले को आगे की जांच के लिए दिल्ली पुलिस को स्थानांतरित कर दिया है। पुलिस के अनुसार, अब इस मामले की विवेचना दिल्ली पुलिस करेगी।