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पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी पर हाईकमान की नजर, भूपेश बघेल का दौरा

पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी अब पार्टी हाईकमान के लिए चिंता का विषय बन गई है। भूपेश बघेल 30 जुलाई से 10 दिनों के लिए पंजाब का दौरा करेंगे, जहां वे 18 जिलों में पार्टी की स्थिति का आकलन करेंगे। इस दौरान वे विभिन्न पदाधिकारियों के साथ बैठकें करेंगे और 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीतियों पर चर्चा करेंगे। हाईकमान गुटबाजी को समाप्त करने के लिए गंभीर है, और इस दौरे का महत्व इसलिए भी है क्योंकि रिपोर्ट सीधे उच्च नेतृत्व को सौंपी जाएगी।
 

पंजाब में कांग्रेस की स्थिति


पंजाब: पंजाब कांग्रेस में चल रही आंतरिक कलह अब पार्टी के उच्च नेतृत्व के लिए चिंता का विषय बन गई है। इस स्थिति को देखते हुए, पार्टी हाईकमान ने ग्राउंड रियलिटी चेक करने का निर्णय लिया है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल 30 जुलाई से 10 दिनों के लिए पंजाब का दौरा करेंगे। इस दौरान वे 18 जिलों में जाकर पार्टी की ताकत और कमजोरियों का आकलन करेंगे।


बैठकों का आयोजन

भूपेश बघेल जिला कार्यकारिणी, ब्लॉक कार्यकारिणी के पदाधिकारियों, 2022 विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों, विधायकों और सांसदों के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगे। इन बैठकों में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही, राहुल गांधी की प्रस्तावित रैलियों के स्थानों पर भी विचार किया जाएगा। कांग्रेस पंजाब में राहुल गांधी की चार बड़ी रैलियां आयोजित करने की योजना बना रही है।


गुटबाजी का समाधान

आर-पार की लड़ाई


पार्टी के सूत्रों के अनुसार, हाईकमान गुटबाजी को समाप्त करने के लिए गंभीर है। भूपेश बघेल की रिपोर्ट के आधार पर संगठन में महत्वपूर्ण बदलाव किए जा सकते हैं। यदि आवश्यक हुआ, तो बागी गुट के खिलाफ कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है। हाईकमान चाहता है कि राहुल गांधी की रैलियों से पहले पार्टी पूरी तरह से एकजुट दिखे।


चन्नी गुट की स्थिति

चन्नी गुट को झटका


चरणजीत सिंह चन्नी गुट को फिलहाल राहुल गांधी से मिलने का समय नहीं मिल रहा है। चन्नी गुट लगातार समय मांग रहा है, लेकिन राहुल गांधी के व्यस्त कार्यक्रम के कारण उन्हें टाल दिया जा रहा है। चन्नी समर्थक उम्मीद कर रहे हैं कि 13 जुलाई के बाद उन्हें राहुल से मिलने का अवसर मिलेगा और वे अपनी बात रख सकेंगे।


दौरे का महत्व

क्या होगा दौरा खास?


भूपेश बघेल पहले भी चंडीगढ़ में पंजाब कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक कर चुके हैं। अब वे सीधे जिलों में जाकर नेताओं और कार्यकर्ताओं की राय लेंगे। बैठक में 2027 चुनाव की रणनीति, संगठन को मजबूत करने और गुटबाजी समाप्त करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।


पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चन्नी, नवजोत सिंह सिद्धू और अन्य गुटों के बीच तनाव बना हुआ है। हाईकमान अब इसे और बर्दाश्त करने को तैयार नहीं है। भूपेश बघेल की इस 10 दिन की यात्रा को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह रिपोर्ट सीधे हाईकमान को सौंपी जाएगी।