पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर बढ़ती खींचतान
मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर विवाद
चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस के भीतर की खींचतान एक बार फिर से उजागर हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने की मांग के बीच, प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने स्पष्ट किया है कि चुनाव राहुल गांधी के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। इस बयान के बाद पार्टी के बागी नेताओं की रणनीति में बदलाव देखने को मिल रहा है, और अब उनकी नजरें सीधे कांग्रेस हाईकमान पर हैं।
भूपेश बघेल का स्पष्ट संदेश
पंजाब दौरे के बाद, भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि पंजाब में कांग्रेस का एकमात्र चेहरा राहुल गांधी हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में भी मतदाता राहुल गांधी पर उसी तरह भरोसा करेगा, जैसा कि लोकसभा चुनाव में देखा गया था। इस बयान ने नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को फिलहाल समाप्त कर दिया है।
चन्नी का खेमा हाईकमान से मिलने की तैयारी
भूपेश बघेल के रुख के बाद, चरणजीत सिंह चन्नी का समूह अब सीधे राहुल गांधी से मुलाकात की योजना बना रहा है। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी के विदेश दौरे से लौटने के बाद दिल्ली में बैठक आयोजित करने की कोशिश की जाएगी। चन्नी और उनके समर्थक चाहते हैं कि वे अपनी बात सीधे पार्टी नेतृत्व के समक्ष रख सकें।
प्रदेश नेतृत्व पर असहमति जारी
चन्नी समर्थकों का कहना है कि पंजाब प्रभारी का हालिया दौरा संतुलित नहीं था और उन्होंने केवल प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के करीबी नेताओं से ही मुलाकात की। इसी कारण असंतुष्ट नेता चाहते हैं कि हाईकमान को प्रदेश संगठन की वास्तविक स्थिति और कार्यकर्ताओं की नाराजगी से अवगत कराया जाए।
गुटबाजी का फिर से उभरना
पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी कोई नई बात नहीं है। कैप्टन अमरिंदर सिंह के कार्यकाल से लेकर नवजोत सिंह सिद्धू और चरणजीत सिंह चन्नी के समय तक, नेतृत्व को लेकर कई बार मतभेद सामने आए हैं। अब एक बार फिर विभिन्न खेमों की सक्रियता ने पार्टी के भीतर राजनीतिक हलचल को बढ़ा दिया है।
कांग्रेस नेतृत्व के अगले कदम पर नजर
अब सभी की नजर कांग्रेस नेतृत्व के अगले कदम पर है। यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी मौजूदा संगठनात्मक ढांचे को बनाए रखती है या असंतुष्ट नेताओं की मांगों पर विचार करती है। फिलहाल, भूपेश बघेल के बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस केंद्रीय नेतृत्व के नाम पर ही आगे बढ़ने की योजना बना रही है।