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पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व संघर्ष: चन्नी और वड़िंग के बीच बढ़ती दूरी

पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान ने पार्टी के भीतर गुटबाजी को उजागर कर दिया है। नए प्रभारी सचिन पायलट की नियुक्ति के बाद, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच की दूरी बढ़ती जा रही है। चन्नी ने जालंधर में प्रदर्शन किया, जबकि वड़िंग ने चंडीगढ़ में जनसभा आयोजित की। दोनों नेताओं के बीच की राजनीतिक स्थिति और पायलट की राहुल और प्रियंका गांधी से मुलाकात ने इस मुद्दे को और भी जटिल बना दिया है। जानें पूरी कहानी में क्या है आगे।
 

पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व की खींचतान


पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। नए प्रभारी सचिन पायलट की नियुक्ति के बाद, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच राजनीतिक दूरी स्पष्ट रूप से बढ़ गई है। दोनों नेता अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी ताकत को प्रदर्शित कर रहे हैं। इस बीच, पायलट ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात की, जिसमें पंजाब में पार्टी की गुटबाजी और संगठन की स्थिति पर चर्चा की गई।


चन्नी ने जालंधर में किया प्रदर्शन

7 सितंबर को, चन्नी ने जालंधर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के हल्द्वानी कार्यक्रम के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण के खिलाफ राज्यस्तरीय प्रदर्शन किया। पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा सहित चन्नी खेमे के कई वरिष्ठ नेता उनके साथ थे। हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग ने इस कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। इससे पहले, 28 अगस्त को बाबा बकाला के रखड़ पुण्या मेले में भी चन्नी ने राजनीतिक मंच सजाया था, जहां वड़िंग गुट अनुपस्थित रहा।


वड़िंग ने चंडीगढ़ में दिखाई ताकत

8 सितंबर को, राजा वड़िंग ने चंडीगढ़ में पंजाब सरकार के खिलाफ एक जनसभा और प्रदर्शन का आयोजन किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित हुए और वड़िंग खेमे के कई वरिष्ठ नेता मंच पर मौजूद थे। AICC सचिव प्रभारी सूरज ठाकुर भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। वहीं, चन्नी, रंधावा, परगट सिंह, प्रताप सिंह बाजवा और सुखपाल सिंह खैहरा जैसे कई प्रमुख नेता इस कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। इन दो दिनों के कार्यक्रमों ने कांग्रेस के भीतर चल रही खेमेबंदी को चर्चा का विषय बना दिया है।


वड़िंग ने चन्नी को बताया बड़ा भाई

राजा वड़िंग ने गुटबाजी की बात से इनकार करते हुए चन्नी को अपना बड़ा भाई बताया। उन्होंने कहा कि वह वरिष्ठ नेताओं से सीखकर आगे बढ़े हैं और राहुल गांधी की वजह से सांसद और प्रदेश अध्यक्ष बने। वड़िंग ने कार्यकर्ताओं से कहा कि अगर हाईकमान उन्हें पद से हटा भी दे, तो उन्हें किसी व्यक्ति के पीछे नहीं, बल्कि कांग्रेस के झंडे के साथ खड़ा रहना चाहिए। उनका कहना है कि हर कार्यक्रम में सभी नेताओं का उपस्थित होना आवश्यक नहीं है।


पायलट ने मांगी रणनीतिक सलाह

पंजाब के नए प्रभारी सचिन पायलट ने मंगलवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से अलग-अलग मुलाकात की। पार्टी के सूत्रों के अनुसार, इन बैठकों में वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी को दूर करने और गुटबाजी समाप्त करने पर सलाह ली गई। पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी, संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने पर भी चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, हाईकमान ने पायलट को सभी नेताओं को साथ लेकर चलने और विपक्षी दलों के खिलाफ एक मजबूत रणनीति तैयार करने का निर्देश दिया है।