पंजाब की मुख्यमंत्री सेहत योजना: स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव
मुख्यमंत्री सेहत योजना का प्रभाव
जब चिकित्सा खर्च देश के परिवारों पर भारी पड़ रहा है, तब स्वास्थ्य सेवाओं के वित्तपोषण और वितरण में स्पष्ट अंतर उभरकर सामने आ रहा है। केंद्र की आयुष्मान भारत योजना 140 करोड़ लोगों के लिए ₹9,500 करोड़ का प्रावधान करती है, जबकि पंजाब की मुख्यमंत्री सेहत योजना केवल 3 करोड़ निवासियों के लिए ₹2,000 करोड़ आवंटित करती है, जो प्रति व्यक्ति लगभग दस गुना अधिक है।
स्वास्थ्य सेवाओं का अधिकार
यह अंतर केवल बजट का नहीं, बल्कि सोच का भी है। राष्ट्रीय योजना में पात्रता और कवरेज ₹5 लाख तक सीमित है, जबकि पंजाब का मॉडल बिना किसी शर्त के हर निवासी को ₹10 लाख तक का कैशलेस उपचार प्रदान करता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में, पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवा को एक अधिकार के रूप में स्थापित किया है, जहां उपचार की आवश्यकता प्राथमिकता है।
आर्थिक सुरक्षा का नया मॉडल
भारतीय परिवारों के लिए चिकित्सा आपात स्थिति में दो प्रमुख प्रश्न उठते हैं: इलाज कितनी जल्दी शुरू होगा और खर्च कैसे उठाया जाएगा। इन चिंताओं का समाधान करते हुए, पंजाब सरकार ने 2026-27 के बजट में मुख्यमंत्री सेहत योजना के लिए ₹2,000 करोड़ का प्रावधान किया है, जिससे 65 लाख परिवारों के लगभग 3 करोड़ निवासियों को प्रति परिवार ₹10 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर मिलेगा।
सार्वभौमिक कवरेज का महत्व
पंजाब का यह मॉडल आयुष्मान भारत जैसी लक्षित योजनाओं के विपरीत, सार्वभौमिक कवरेज पर आधारित है। इसमें किसी भी प्रकार की पात्रता बाधा नहीं है। मुख्यमंत्री सेहत योजना यह नहीं पूछती कि कौन पात्र है; पंजाब का हर निवासी इसमें शामिल है, चाहे उनकी आय कुछ भी हो।
उपचार के दायरे का विस्तार
मुख्यमंत्री सेहत योजना 2,300 उपचार पैकेजों के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा देती है, जिसमें हृदय रोग, कैंसर, गुर्दा रोग, और गंभीर दुर्घटनाएं शामिल हैं। इसके विपरीत, आयुष्मान भारत केवल 1,900 पैकेजों तक सीमित है।
पंजीकरण की सरल प्रक्रिया
योजना तक पहुंच की प्रक्रिया भी सरल है। निवासी सेवा केंद्रों या कॉमन सर्विस सेंटरों पर जाकर, या आधार या वोटर आईडी के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रशिक्षित युवा क्लब सदस्य घर-घर जाकर पंजीकरण में सहायता कर रहे हैं।
सकारात्मक परिणाम
मोगा में 98 वर्षीय महिला मुख्तियार कौर को इस योजना के तहत कीमोथेरेपी का कैशलेस इलाज मिला। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा को हर नागरिक तक पहुंचाना है।
स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में वृद्धि
अब तक 9 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं, और लाभार्थी 900 से अधिक अस्पतालों में उपचार प्राप्त कर रहे हैं। यह स्पष्ट है कि एक मॉडल सेवा को सीमित करता है, जबकि दूसरा इसे हर नागरिक का अधिकार बनाता है।