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पंजाब की राजनीति में नया मोड़: दर्शन सिंह शिवालिक ने वारिस पंजाब दे की सदस्यता ली

पंजाब की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है जब दर्शन सिंह शिवालिक ने शिरोमणि अकाली दल को छोड़कर वारिस पंजाब दे में शामिल होने का निर्णय लिया। उन्होंने इस कदम के पीछे युवाओं को नशे से बचाने और पंथ की रक्षा के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता बताई। शिवालिक ने पार्टी में कार्यकर्ताओं की अनदेखी पर भी सवाल उठाए। इस घटनाक्रम के साथ, वरिष्ठ नेता मनप्रीत सिंह अयाली ने सुखबीर सिंह बादल पर भी तीखा हमला किया। जानें इस राजनीतिक बदलाव के पीछे की पूरी कहानी।
 

पंजाब में राजनीतिक बदलाव


रविवार को पंजाब की राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन हुआ। गिल विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक दर्शन सिंह शिवालिक ने शिरोमणि अकाली दल को छोड़कर वारिस पंजाब दे में शामिल होने का निर्णय लिया। इस अवसर पर अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह और वरिष्ठ नेता मनप्रीत सिंह अयाली भी उपस्थित थे।


निर्णय के पीछे के कारण

वारिस पंजाब दे में शामिल होने के बाद, दर्शन सिंह शिवालिक ने अपने इस निर्णय के पीछे दो मुख्य कारण बताए। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं को नशे की लत से मुक्त करना उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए उन्हें एक मजबूत मंच की आवश्यकता थी। इसके अलावा, उन्होंने पंथ की सुरक्षा और उससे जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने की आवश्यकता भी जताई। उनका कहना था कि शिरोमणि अकाली दल में रहते हुए वे इन मुद्दों पर प्रभावी ढंग से कार्य नहीं कर पा रहे थे।


कार्यकर्ताओं की अनदेखी पर आरोप

शिवालिक ने अकाली दल के नेतृत्व पर सीधा हमला करते हुए कहा कि पार्टी में वर्षों से मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन में कार्यकर्ताओं की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे कई लोग खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। यही कारण था कि उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया।


मनप्रीत सिंह अयाली का बयान

इस कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता मनप्रीत सिंह अयाली ने भी सुखबीर सिंह बादल पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि यदि बादल व्यक्तिगत स्वार्थों से ऊपर उठकर निर्णय लें, तो अकाली दल के विभाजित धड़ों को फिर से एकजुट किया जा सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रही अकाली दल के लिए शिवालिक का जाना एक और बड़ा झटका है।