×

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को मानहानि मामले में मिली राहत

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को मानहानि के मामले में मानसा अदालत से राहत मिली है। अदालत ने सुनवाई को 20 मई तक स्थगित कर दिया है। मुख्यमंत्री के वकील ने बताया कि वह विधानसभा सत्र में व्यस्त हैं, इसलिए अदालत में उपस्थित नहीं हो सके। इस मामले की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। साथ ही, मुख्यमंत्री ने विधानसभा में विश्वास मत पेश करने की संभावना भी जताई है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और पंजाब की राजनीति में हो रहे घटनाक्रम।
 

मुख्यमंत्री भगवंत मान को मिली राहत


चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को मानहानि के एक मामले में मानसा अदालत से राहत मिली है। पूर्व विधायक नाजर सिंह मानशाहिया द्वारा दायर इस मामले की सुनवाई को अदालत ने 20 मई तक स्थगित कर दिया है। मुख्यमंत्री के वकील ने अदालत में बताया कि वह विशेष विधानसभा सत्र में व्यस्त हैं, इसलिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते।


सुनवाई की नई तारीख

मानसा अदालत में इस मामले की सुनवाई पहले 1 मई को निर्धारित थी, और अदालत ने मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था। अनुपस्थिति की स्थिति में उनकी जमानत रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती थी। हालांकि, मुख्यमंत्री की ओर से दाखिल अर्जी को स्वीकार करते हुए अदालत ने नई तारीख तय की है।


मामले का विवरण

क्या है पूरा मामला? यह मामला तब का है जब नाजर सिंह मानशाहिया ने कांग्रेस में शामिल होने के बाद अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों के संबंध में मानहानि की याचिका दायर की थी। इस केस में पहले भी कई बार अदालत में पेशी के आदेश दिए जा चुके हैं, लेकिन मुख्यमंत्री अब तक व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित नहीं हुए हैं।


मुख्यमंत्री के वकील की दलील

मुख्यमंत्री के वकील ने अदालत को क्या बताया? वकील ने अदालत को सूचित किया कि राज्य विधानसभा का विशेष सत्र चल रहा है, जिसमें उनकी उपस्थिति आवश्यक है। इस कारण वे अदालत में पेश नहीं हो सके। अदालत ने इस दलील को उचित मानते हुए सुनवाई को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 मई को होगी, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं।


पंजाब की राजनीति में नया मोड़

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने क्या कहा? पंजाब की राजनीति में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। सरकार आज विधानसभा में विश्वास मत पेश कर सकती है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि उनकी सरकार को सदन के अंदर और बाहर पूरा समर्थन प्राप्त है और फ्लोर टेस्ट की कोई आवश्यकता नहीं है।


उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी पार्टी के पास 94 विधायक हैं और हाल ही में पारित बजट को लगभग सर्वसम्मति से मंजूरी मिली है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह सदन में बहुमत साबित करने के लिए तैयार हैं।