पंजाब के सफाई कर्मचारियों के मुद्दों पर अविनाश चंद्र की नई दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक
सफाई कर्मचारियों की समस्याओं पर चर्चा
नई दिल्ली: पंजाब सरकार के पूर्व मुख्य संसदीय सचिव और करतारपुर तथा फिल्लौर के पूर्व विधायक अविनाश चंद्र ने राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल से मुलाकात की। इस बैठक में उन्होंने पंजाब के सफाई कर्मचारियों से संबंधित कई मुद्दों को उठाया।
अविनाश चंद्र ने बताया कि पंजाब में 13 नगर निगम, 76 नगर परिषद और 21 नगर पंचायतों सहित कुल 110 शहरी स्थानीय निकायों में हजारों सफाई कर्मचारी ठेकेदारी और आउटसोर्सिंग के तहत कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई स्थानों पर कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है और ईपीएफ तथा ईएसआई जैसी वैधानिक सुविधाओं का पालन नहीं हो रहा है। इसके अलावा, वर्षों की सेवा के बावजूद कर्मचारियों का नियमितीकरण नहीं किया गया है और उन्हें सुरक्षा उपकरण, आधुनिक मशीनें, यूनिफॉर्म और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने सत्ता में आने से पहले कर्मचारियों से कई वादे किए थे, लेकिन अब सफाई कर्मचारियों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने ठेका और आउटसोर्सिंग व्यवस्था की समीक्षा, समय पर वेतन भुगतान, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती, ईपीएफ-ईएसआई का पूर्ण लाभ, पात्र कर्मचारियों को बीमा योजनाओं का लाभ, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
हरदीप सिंह गिल ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुना और कहा कि सफाई कर्मचारियों के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि आयोग प्राप्त शिकायतों की जांच करेगा और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों और पंजाब सरकार से रिपोर्ट मांगी जाएगी।
गिल ने कहा कि सफाई कर्मचारी देश की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्हें सुरक्षित कार्य वातावरण, समय पर वेतन, सामाजिक सुरक्षा और कानून के अनुसार सभी सुविधाएं मिलना उनका अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कहीं भी कर्मचारियों के अधिकारों का उल्लंघन पाया जाता है, तो राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग आवश्यक कदम उठाएगा।