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पंजाब नगर निगम कर्मचारियों के लिए नई पदोन्नति नियमावली

पंजाब के नगर निगमों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए नई पदोन्नति नियमावली लागू की गई है। अब कारपोरेशन सचिव बनने के लिए कर्मचारियों को नए मानदंडों को पूरा करना होगा, जिसमें ग्रेजुएशन और चार साल का अनुभव शामिल है। यह बदलाव 1978 के पुराने नियमों में संशोधन के तहत किया गया है। जानें इस नए नियम के तहत पदों का वितरण और इसके प्रभाव के बारे में।
 

पंजाब नगर निगम सचिव के पद के लिए नए नियम


पंजाब नगर निगम सचिव के नियम: पंजाब के नगर निगमों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना आई है। राज्य सरकार ने कारपोरेशन सचिव के पद पर पहुँचने के लिए प्रक्रिया में व्यापक बदलाव किया है। अब इस महत्वपूर्ण पद के लिए पदोन्नति प्राप्त करने के लिए कर्मचारियों को नए मानदंडों को पूरा करना आवश्यक होगा, जो पूर्व की व्यवस्था से भिन्न हैं। स्थानीय निकाय विभाग ने 28 सितंबर को इस संबंध में एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है, जिससे यह नियम तुरंत प्रभावी हो गया है। इस परिवर्तन का सीधा प्रभाव उन कर्मचारियों पर पड़ेगा, जो लंबे समय से कारपोरेशन सचिव बनने की उम्मीद कर रहे थे। नए नियम में दो अलग-अलग कैडर के लिए अलग-अलग हिस्सेदारी निर्धारित की गई है।


90 प्रतिशत पद ग्रेड-2 सुपरिंटेंडेंट के लिए आरक्षित

नए नियम के अनुसार, कारपोरेशन सचिव के कुल पदों में से 90 प्रतिशत पद कारपोरेशन सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-2 के कर्मचारियों की पदोन्नति से भरे जाएंगे। हालांकि, इसके लिए कर्मचारियों का ग्रेजुएट होना अनिवार्य है और उन्हें संबंधित सेवा में कम से कम चार साल का अनुभव भी होना चाहिए। यह डिग्री केवल मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से ही मान्य होगी, तभी पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा।


सैनिटेशन सुपरिंटेंडेंट के लिए भी आरक्षित पद

बाकी बचे 10 प्रतिशत पद सुपरिंटेंडेंट सैनिटेशन कैडर के कर्मचारियों के लिए आरक्षित हैं। इस श्रेणी में भी पदोन्नति के लिए ग्रेजुएशन और चार साल का अनुभव आवश्यक होगा। इसका मतलब यह है कि अब किसी भी कैडर से संबंधित कर्मचारी को कारपोरेशन सचिव बनने के लिए समान शैक्षणिक योग्यता और अनुभव की शर्तें पूरी करनी होंगी।


1978 के नियमों में संशोधन

यह पूरा संशोधन पंजाब म्यूनिसिपल कारपोरेशन सर्विसेज के 1978 में बनाए गए भर्ती और सेवा नियमों में किया गया है। सरकार ने इसके लिए नियमों के अपेंडिक्स-बी में आवश्यक बदलाव किए हैं। यह संशोधन सरकारी गजट में प्रकाशित होते ही तुरंत प्रभावी हो गया है, जिससे भविष्य में होने वाली सभी पदोन्नतियां इसी नए फॉर्मूले के आधार पर होंगी।


सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी से हुआ निर्णय

स्थानीय निकाय विभाग के सचिव घनश्याम थोरी, आईएएस द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह बदलाव सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद ही किया गया है। यह संशोधन पंजाब म्यूनिसिपल कारपोरेशन एक्ट, 1976 के तहत सरकार को दिए गए अधिकारों के आधार पर लागू किया गया है, जिससे इसकी वैधानिक स्थिति पूरी तरह से मजबूत है।