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पंजाब पुलिस के निलंबित DIG हरचरण सिंह भुल्लर की जमानत याचिका पर सुनवाई

पंजाब पुलिस के निलंबित DIG हरचरण सिंह भुल्लर की नियमित जमानत याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। भुल्लर ने एक बार फिर जमानत की मांग की, लेकिन अदालत ने कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। अगली सुनवाई 7 जुलाई को होगी, जहां अदालत का निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानें इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों और भुल्लर के तर्कों के बारे में।
 

चंडीगढ़ में जमानत याचिका पर सुनवाई


चंडीगढ़: पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की नियमित जमानत याचिका पर शुक्रवार को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। भुल्लर, जो भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार हुए थे, ने एक बार फिर जमानत की मांग की। हालांकि, अदालत ने सुनवाई के दौरान कोई अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए मामले को 7 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया। अब अगली सुनवाई में अदालत का निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


सुनवाई के दौरान भुल्लर ने नियमित जमानत की मांग की। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फिलहाल कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया। मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई को होगी।


सुप्रीम कोर्ट ने पहले खारिज की थी याचिका

पहले सुप्रीम कोर्ट भी खारिज कर चुका है याचिका


भुल्लर पहले भी जमानत के लिए उच्च न्यायालय गए थे। जब उन्हें राहत नहीं मिली, तो उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। शीर्ष अदालत ने 10 अप्रैल को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।


सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का सहारा

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का लिया सहारा


सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यदि दो महीने के भीतर ट्रायल शुरू नहीं होता है, तो भुल्लर नई जमानत याचिका दायर कर सकते हैं। इसी आधार पर भुल्लर ने अब फिर से उच्च न्यायालय में नियमित जमानत की मांग की है।


याचिका में प्रस्तुत तर्क

याचिका में रखे गए ये तर्क


भुल्लर ने अदालत में कहा कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और पुलिस चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अधिकांश गवाह सरकारी अधिकारी हैं, इसलिए उन्हें प्रभावित करने की संभावना नहीं है।


7 जुलाई पर सभी की नजरें

अब 7 जुलाई पर टिकी निगाहें


भुल्लर ने यह भी कहा कि वह स्वयं सस्पेंशन में हैं और सबूतों से छेड़छाड़ की कोई संभावना नहीं है। अदालत ने मामले को लंबित रखते हुए अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी है। अब सभी की नजर 7 जुलाई को होने वाली सुनवाई पर है।