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पंजाब भाजपा अध्यक्ष का बड़ा वादा: कर्मचारियों को मिलेगा बकाया DA और पेंशन

पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ा आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा की सरकार बनती है, तो लंबित महंगाई भत्ता और पेंशन एरियर का भुगतान सबसे पहले किया जाएगा। ढिल्लों ने कर्मचारियों से केवल छह से सात महीने का इंतजार करने की अपील की है। इसके अलावा, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के हालिया फैसले का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को 15 दिनों के भीतर बकाया चुकाने का आदेश दिया गया है। जानें इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर और क्या कहा गया।
 

पंजाब में कर्मचारियों के लिए बड़ा आश्वासन


पंजाब: पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने राज्य के लगभग आठ लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से एक महत्वपूर्ण वादा किया है। उनका कहना है कि यदि भाजपा पंजाब में सरकार बनाती है, तो लंबित महंगाई भत्ता और पेंशन एरियर का भुगतान सबसे पहले किया जाएगा।


'सरकार बनने पर कर्मचारियों को मिलेगा DA और एरियर'

ढिल्लों ने कर्मचारियों से अनुरोध किया कि वे केवल छह से सात महीने का इंतजार करें। उनके अनुसार, भाजपा सरकार बनने के बाद केंद्र सरकार की दरों के अनुसार वेतन और डीए समय पर मिलने लगेगा। उन्होंने आम आदमी पार्टी की सरकार को कर्मचारियों के खिलाफ बताया और कहा कि सरकार उनके अधिकारों का भुगतान करने में असफल रही है, जबकि प्रचार और लोकलुभावन योजनाओं पर खर्च जारी है।


पंजाब भाजपा अध्यक्ष का ऐलान

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के हालिया निर्णय का उल्लेख करते हुए ढिल्लों ने कहा कि अदालत ने राज्य सरकार को 15 दिनों के भीतर डीए और पेंशन एरियर का भुगतान करने का आदेश दिया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का बकाया चुकाया नहीं जाता, तब तक बड़े पैमाने पर विज्ञापन अभियान नहीं चलाया जा सकता। सरकार द्वारा वित्तीय संकट का हवाला देने वाली दलील को अदालत ने खारिज कर दिया और कहा कि कर्मचारियों के कानूनी अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती।


ढिल्लों ने इस फैसले को लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि जो सरकार आज बकाया चुकाने में असमर्थ है, वह भविष्य में कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करेगी। उनका आरोप था कि भगवंत मान सरकार ने हाल के महीनों में विभिन्न योजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपये का कर्ज लिया, लेकिन कर्मचारियों के बकाये और नियमित वेतन भुगतान को प्राथमिकता नहीं दी।