पंजाब भाजपा ने विधानसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति स्पष्ट की
चंडीगढ़ में तिरंगा यात्रा के दौरान भाजपा का रुख
चंडीगढ़: रूपनगर में आयोजित तिरंगा यात्रा के दौरान, पंजाब भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी स्थिति स्पष्ट की। प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने बताया कि पार्टी सभी 117 सीटों पर अपने बलबूते चुनाव लड़ने की योजना बना रही है और अकाली दल के साथ गठबंधन की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने सुखबीर बादल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात पर टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सभी के नेता हैं। इस अवसर पर, ढिल्लों ने अवैध माइनिंग, राज्य के बढ़ते कर्ज और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर सरकार को घेरा।
अवैध माइनिंग पर सरकार की आलोचना
रूपनगर में तिरंगा यात्रा के दौरान, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने अवैध माइनिंग के मुद्दे पर राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि रूपनगर अब माइनिंग का एक प्रमुख केंद्र बन गया है और बारिश के मौसम में भी यहां खुलेआम माइनिंग की जा रही है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं और जनता में नाराजगी बढ़ रही है।
हवारा की पैरोल पर भाजपा का रुख
जगतार सिंह हवारा को जेल से पैरोल देने की मांग पर, ढिल्लों ने कहा कि भाजपा पंजाब के लोगों के साथ खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में पार्टी का निर्णय पंजाब के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा। इस बयान के साथ, उन्होंने पार्टी की ओर से किसी अलग निर्णय की घोषणा करने से परहेज किया।
बढ़ते कर्ज पर सरकार को घेरा
ढिल्लों ने पंजाब की आर्थिक स्थिति पर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि चार साल पहले राज्य पर लगभग ढाई लाख करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अब बढ़कर करीब साढ़े चार लाख करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने बताया कि हाल ही में राज्य सरकार ने लगभग एक हजार करोड़ रुपये का और कर्ज लिया है, जिसे उन्होंने पंजाब की वित्तीय स्थिति के लिए चिंता का विषय बताया।
भाजपा की चुनावी रणनीति
भाजपा का यह रुख दर्शाता है कि पार्टी पंजाब में अपने संगठन को सभी विधानसभा क्षेत्रों में मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। तिरंगा यात्रा के दौरान, जिला अध्यक्ष अजयवीर सिंह लालपुरा सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। भाजपा अब अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है और स्थानीय मुद्दों को अपने राजनीतिक अभियान का आधार बनाने की कोशिश कर रही है। आने वाले समय में अकाली दल और भाजपा के रिश्तों में और स्पष्टता आ सकती है।