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पंजाब में 90 प्रतिशत घरों को मिल रहा शून्य बिजली बिल

पंजाब में लगभग 90 प्रतिशत घरों को अब शून्य बिजली बिल मिल रहा है, जो राज्य की कल्याणकारी योजनाओं का परिणाम है। इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली मिलती है, जिससे उन्हें हर महीने 1500 से 2000 रुपये की बचत हो रही है। सरकार ने बिजली दरों में कमी की है और बिजली की लागत को कम करने के लिए नए संयंत्र खरीदे हैं। यह उपलब्धि राज्य की विशाल जनसंख्या को सीधी राहत प्रदान कर रही है।
 

पंजाब में बिजली बिलों में कमी

– हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ


पंजाब के लगभग 90 प्रतिशत परिवारों को अब शून्य बिजली बिल प्राप्त हो रहा है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है। यह राज्य के इतिहास में पहली बार है जब बिजली की दरों में कमी की गई है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए दरें 1.5 रुपये प्रति यूनिट, व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए 79 पैसे और औद्योगिक उपयोगकर्ताओं के लिए 74 पैसे कम की गई हैं। सरकार ने बिजली की लागत को कम करने के लिए 540 मेगावाट का गोइंदवाल साहिब निजी बिजली संयंत्र खरीदा है। पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) ने लगातार तीन वर्षों से लाभ कमाया है और भारत सरकार से + रेटिंग प्राप्त की है।


पचवाड़ा कोयला खदान से सस्ता कोयला मिलने के कारण 1,000 करोड़ रुपये की बचत हुई है, जबकि रोशन पंजाब योजना के तहत बिजली ढांचे को मजबूत करने के लिए 5,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। 90 प्रतिशत घरों का शून्य बिजली बिल आना राज्य की विशाल जनसंख्या को मिली सीधी राहत का संकेत है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि सरकार की कल्याणकारी योजनाएं समाज के हर वर्ग तक पहुंच रही हैं, जिससे लोगों को हर महीने 1500 से 2000 रुपये की सीधी बचत हो रही है, जिसका उपयोग वे अपने बच्चों की शिक्षा और परिवार की अन्य आवश्यकताओं पर कर रहे हैं। मुफ्त बिजली योजना के तहत उपभोक्ताओं को प्रति माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली मिलती है।


दो महीनों में 600 यूनिट तक की खपत पर बिजली बिल शून्य आता है, जिसका अर्थ है कि उपभोक्ताओं को न केवल बिजली की कीमत, बल्कि फिक्स्ड चार्ज, मीटर रेंट या किसी अन्य टैक्स का भुगतान नहीं करना पड़ता। पंजाब में बिजली नेटवर्क भी मजबूत हुआ है। राज्य में बेहतर वितरण और निरंतर सप्लाई के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है। यहां हर 10 किलोमीटर पर 66 केवीए सब-स्टेशन उपलब्ध हैं। पंजाब सरकार ने 1,080 करोड़ रुपये की लागत से गोइंदवाल साहिब में 540 मेगावाट की क्षमता वाला थर्मल पावर प्लांट खरीदा था। वर्तमान में पंजाब में 2 निजी और 3 सरकारी थर्मल प्लांट कार्यरत हैं, जो राज्य में निर्बाध बिजली की सप्लाई सुनिश्चित कर रहे हैं। मुफ्त बिजली देने के बावजूद, पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड अच्छा मुनाफा कमा रही है।