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पंजाब में ईज़ी रजिस्ट्री पहल से संपत्ति रजिस्ट्रेशन में सुधार

पंजाब में 'ईज़ी रजिस्ट्री' पहल ने संपत्ति रजिस्ट्रेशन प्रणाली में महत्वपूर्ण सुधार लाए हैं। इस पहल के तहत जुलाई 2025 से दिसंबर 2025 तक 370967 रजिस्ट्रियां की गईं, जो पारदर्शिता और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन की दिशा में एक बड़ा कदम है। मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि ऑनलाइन प्री-स्क्रूटनी और एकीकृत टोकन प्रणाली से सेवाओं में तेजी आई है। इसके अलावा, आवेदकों को व्हाट्सएप अपडेट और शिकायत प्रणाली के माध्यम से बेहतर सेवाएं मिल रही हैं। यह पहल लोगों के लिए संपत्ति रजिस्ट्रेशन को सरल और सुविधाजनक बनाने में मदद कर रही है।
 

पंजाब में संपत्ति रजिस्ट्रेशन में नया मील का पत्थर


चंडीगढ़: पंजाब के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि 'ईज़ी रजिस्ट्री' पहल ने राज्य की संपत्ति रजिस्ट्रेशन प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव लाए हैं, जिससे सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।


हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि जुलाई 2025 से दिसंबर 2025 के बीच कुल 370967 रजिस्ट्रियां की गईं, जो पारदर्शिता और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि इस प्रणाली पर लोगों की प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि वे पारदर्शी और समयबद्ध सेवाओं पर भरोसा करते हैं। छह महीनों में संपत्ति से संबंधित 3.70 लाख से अधिक रजिस्ट्रियां दर्ज की गईं, जो इन सुधारों की सफलता को दर्शाती हैं।


महीनेवार रजिस्ट्रेशन आंकड़े

राजस्व मंत्री ने महीनेवार आंकड़े साझा करते हुए बताया कि जुलाई 2025 में 64965, अगस्त में 62001, सितंबर में 55814, और अक्टूबर में 53610 दस्तावेज़ रजिस्टर किए गए। नवंबर में 58200 और दिसंबर में 76377 रजिस्ट्रियां की गईं। उन्होंने कहा, 'रजिस्ट्रेशनों में यह निरंतर वृद्धि तकनीकी-आधारित रजिस्ट्रेशन प्रणाली में लोगों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।'


ऑनलाइन प्री-स्क्रूटनी से भ्रष्टाचार पर अंकुश

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि ईज़ी रजिस्ट्री के तहत दस्तावेज़ों की ऑनलाइन प्री-स्क्रूटनी शुरू की गई है, जिससे कार्यालय कार्यवाही में देरी कम हुई है और सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में पहुंच आसान हुई है। उन्होंने कहा, 'सेल डीड की हस्ताक्षर-रहित प्रतियों की अब 48 घंटों के अंदर ऑनलाइन जांच की जाती है, जिससे परेशानी कम हुई है और भ्रष्टाचार के रास्ते प्रभावी ढंग से बंद हुए हैं।'


जांच के दौरान उठाई गई सभी आपत्तियों की निगरानी सीधे डिप्टी कमिश्नरों और एस.डी.एमज़. द्वारा की जाती है, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।


वीआईपी संस्कृति का खात्मा, समान सुविधा

हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि 'पहले आओ, पहले पाओ' के सिद्धांत को लागू करने से लंबी कतारें और पक्षपातपूर्ण व्यवहार समाप्त हुए हैं, जिससे संपत्ति रजिस्ट्रेशन के दौरान वी.आई.पी. संस्कृति का खात्मा हुआ है। अब लोग अपने ज़िले के किसी भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में दस्तावेज़ रजिस्टर करवा सकते हैं, जिससे सभी के लिए समान सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हुई है।


व्हाट्सएप अपडेट और शिकायत प्रणाली

मंत्री ने बताया कि आवेदकों को उनके दस्तावेज़ों की कार्यवाही के हर चरण के बारे में ऑटोमेटेड व्हाट्सएप अपडेट भेजे जाते हैं। इसके अलावा, रिश्वत मांगने की रिपोर्ट करने के लिए एक सीधी शिकायत प्रणाली भी बनाई गई है, ताकि ज़िला स्तर पर त्वरित निपटारा सुनिश्चित किया जा सके।


ड्राफ्ट माई डीड और ऑनलाइन भुगतान सुविधा

मंत्री ने बताया कि लोग 'ड्राफ्ट माई डीड' मॉड्यूल के माध्यम से सेल डीड खुद तैयार कर सकते हैं या सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में स्थापित सेवा केंद्रों से सहायता प्राप्त कर सकते हैं। 25 बैंकों के माध्यम से एक बार में स्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस का ऑनलाइन भुगतान करने से यह प्रक्रिया और भी सरल हो गई है।


एकीकृत टोकन प्रणाली से तेज सेवा

राजस्व मंत्री ने बताया कि पहले से अपॉइंटमेंट ले चुके नागरिकों को प्राथमिकता देने के लिए एक 'एकीकृत टोकन प्रबंधन प्रणाली' लागू की गई है। इससे लोगों को अधिक इंतज़ार नहीं करना पड़ता और शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में समान सेवा प्रदान की जा रही है। अपग्रेड किए गए सर्वर और प्रशिक्षित स्टाफ ने लोगों का भरोसा बढ़ाया है, जिससे राज्य में राजस्व संग्रहण में सुधार हुआ है।