×

पंजाब में कारोबारी को मिली रंगदारी की धमकी, पुलिस ने शुरू की जांच

पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब में एक कारोबारी को विदेशी नंबरों से जान से मारने की धमकी और करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगी गई है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसे 'आरजू बिश्नोई' नाम के व्यक्ति ने कॉल कर दो करोड़ रुपये की मांग की, जो बाद में बढ़कर पांच करोड़ रुपये हो गई। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या धमकी देने वाला किसी संगठित अपराध गिरोह से जुड़ा है।
 

धमकी और रंगदारी का मामला


चंडीगढ़: पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब में एक व्यापारी को विदेशी नंबरों से लगातार व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से जान से मारने की धमकी और करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार, कॉल करने वाले ने अपना नाम "आरजू बिश्नोई" बताया और पैसे न देने पर पूरे परिवार को खत्म करने की चेतावनी दी। इस गंभीर मामले को देखते हुए पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर तकनीकी जांच तेज कर दी है।


रंगदारी की रकम में वृद्धि

बैंस कॉलोनी के निवासी तरसेम कुमार बत्रा ने पुलिस को बताया कि वह नई अनाज मंडी में "एमएल बत्रा संस" के नाम से आढ़त का कारोबार करते हैं। उनके अनुसार, 23 जुलाई को उनके मोबाइल पर एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को "आरजू बिश्नोई" बताते हुए दो करोड़ रुपये की मांग की और रकम न देने पर परिवार समेत जान से मारने की धमकी दी।


शिकायतकर्ता ने 24 जुलाई को इस मामले की लिखित शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दी थी। इसके बावजूद, 25 जुलाई को एक अन्य विदेशी नंबर से तीन बार व्हाट्सएप कॉल आई। इस बार कॉल करने वाले ने फिर से खुद को "आरजू बिश्नोई" बताया और रंगदारी की रकम बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये कर दी, साथ ही गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।


पुलिस की कार्रवाई

शिकायत मिलने के बाद थाना सिटी पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब विदेशी नंबरों, व्हाट्सएप कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी टीम कॉल से जुड़े हर डिजिटल सुराग को खंगाल रही है ताकि धमकी देने वाले की पहचान की जा सके।


जांच की विस्तृत प्रक्रिया

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कॉल वास्तव में विदेश से की गई थी या इंटरनेट आधारित किसी माध्यम का इस्तेमाल कर फर्जी पहचान बनाई गई। इसके लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रेल और अन्य तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे नेटवर्क की तस्वीर साफ होगी।


गिरोह से संबंध की जांच

पुलिस का कहना है कि मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि धमकी देने वाला किसी संगठित अपराध गिरोह से जुड़ा है या कारोबारी को किसी अन्य उद्देश्य से निशाना बनाया गया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि तकनीकी और खुफिया स्तर पर कार्रवाई जारी है और आरोपित की पहचान कर जल्द कानूनी कार्रवाई की जाएगी।