पंजाब में खेलों का नया युग: मुख्यमंत्री भगवंत मान का रिपोर्ट कार्ड
मुख्यमंत्री ने खेल विभाग का रिपोर्ट कार्ड पेश किया
चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज 'शानदार चार साल, भगवंत मान दे नाल' कार्यक्रम के तहत खेल विभाग का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया। इस अवसर पर उन्होंने 'आप' सरकार की खेल क्रांति के माध्यम से खेल क्षेत्र में बदलाव के बारे में विस्तार से बताया।
खेल बजट में अभूतपूर्व वृद्धि
मुख्यमंत्री ने सिंचाई, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था पर रिपोर्ट कार्ड पेश करने के बाद खेलों में सुधार की योजनाओं का उल्लेख किया। खेल बजट को 350 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1791 करोड़ रुपये किया गया है, और कोचों की संख्या 500 से बढ़ाकर 2458 की गई है। ओलंपिक की तैयारी के लिए 15 लाख रुपये और एशियाई खेलों के खिलाड़ियों के लिए 8 लाख रुपये की वित्तीय सहायता भी शामिल है।
खेल मैदानों और खिलाड़ियों की संख्या में वृद्धि
मुख्यमंत्री ने 3100 खेल मैदानों के विकास, 3000 जिम, और 17000 खेल किटों के वितरण का भी उल्लेख किया। 'खेडां वतन पंजाब दीयां' योजना में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की संख्या डेढ़ लाख से बढ़कर पांच लाख हो गई है। इन प्रयासों के कारण पंजाब ने हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी और 40 वर्षों बाद राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप अंडर-13 की मेज़बानी की है।
अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेज़बानी
मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'एशियाई खेल 3-4 अक्टूबर को होंगे और इसमें शीर्ष छह हॉकी टीमें भाग लेंगी। यह पहली बार है जब पंजाब को इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेज़बानी का अवसर मिला है।' उन्होंने बताया कि हॉकी मैच मोहाली और जालंधर में आयोजित किए जाएंगे।
बैडमिंटन चैंपियनशिप की वापसी
मुख्यमंत्री ने 40 वर्षों बाद जालंधर में राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप की मेज़बानी की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह टूर्नामेंट अंडर-13 वर्ग के लिए होगा और राज्य में खेलों के विकास को बढ़ावा देगा।
पंजाब की खेल विरासत
मुख्यमंत्री ने पंजाब की महान खेल विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य ने कई महान खिलाड़ियों को जन्म दिया है। उन्होंने बताया कि सिख गुरुओं ने खेलों के माध्यम से शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा दिया।
आधुनिक खेलों में पंजाब का योगदान
भगवंत सिंह मान ने भारतीय हॉकी टीम के कप्तानों और अन्य खिलाड़ियों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सभी पंजाब से हैं और उन्होंने राज्य और देश का नाम रोशन किया है।
खेलों को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियाँ
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए 2023 में नई खेल नीति पेश की गई थी, जिसमें ओलंपिक और एशियाई खेलों के लिए वित्तीय सहायता का प्रावधान है।
खेलों के बजट में ऐतिहासिक वृद्धि
मुख्यमंत्री ने बताया कि खेलों के बजट में 2026-27 में 1791 करोड़ रुपये तक की वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में लगभग 100 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई है।
खेलों को नशे के खिलाफ एक हथियार
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल पंजाब में नशे के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार हैं, इसलिए राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा दे रही है।