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पंजाब में तूफान से बिजली व्यवस्था को भारी नुकसान

पंजाब में हाल ही में आए तूफान ने बिजली व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। तेज आंधी और तूफानी हवाओं के कारण 850 से अधिक बिजली खंभे गिर गए और कई ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। बिजली निगम ने प्रभावित क्षेत्रों में बिजली बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है। जानें इस प्राकृतिक आपदा के कारण हुए नुकसान और बहाली के प्रयासों के बारे में।
 

तूफान का प्रभाव


चंडीगढ़: गुरुवार को पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों में आई तेज आंधी और तूफानी हवाओं ने न केवल जनजीवन को प्रभावित किया, बल्कि बिजली की व्यवस्था को भी गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया। मौसम में अचानक आए इस बदलाव ने बिजली निगम के लिए एक बड़ी चुनौती उत्पन्न कर दी। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, बिजली ढांचे को व्यापक क्षति हुई है, जिसके कारण कई क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति बाधित रही। हालांकि, निगम की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं और प्रभावित क्षेत्रों में बिजली बहाल करने का कार्य तेजी से आरंभ किया।


बिजली वितरण नेटवर्क पर असर

तेज हवाओं का सबसे अधिक प्रभाव बिजली वितरण नेटवर्क पर पड़ा। बिजली निगम की प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया गया है कि 129 वितरण ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके अलावा, सैकड़ों बिजली खंभों को भी नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर तार टूटने और उपकरणों के खराब होने की घटनाएं भी सामने आईं।


850 खंभे और कई किलोमीटर लाइनें प्रभावित

तूफान के कारण राज्यभर में लगभग 850 बिजली खंभे गिर गए या क्षतिग्रस्त हो गए। इसके साथ ही 8.57 किलोमीटर लंबी विद्युत लाइन को भी नुकसान पहुंचा। लगभग आधा किलोमीटर निम्न वोल्टेज केबल और उच्च वोल्टेज के केबल का एक हिस्सा भी प्रभावित हुआ, जिससे कई क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित रही।


मध्य क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान

बिजली निगम के अनुसार, सबसे अधिक आर्थिक नुकसान मध्य क्षेत्र में हुआ, जहां एक करोड़ 11 लाख रुपये से अधिक की क्षति हुई। दक्षिणी क्षेत्र में लगभग 37 लाख 49 हजार रुपये का नुकसान हुआ। पूर्वी, उत्तरी और पश्चिमी क्षेत्रों में भी लाखों रुपये की क्षति दर्ज की गई, जबकि सीमावर्ती क्षेत्र में नुकसान अपेक्षाकृत कम रहा।


बिजली बहाली के लिए युद्धस्तर पर काम

तूफान के बाद प्रभावित क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति बहाल करना निगम की प्राथमिकता बन गई है। अधिकारियों के निर्देश पर तकनीकी टीमों को तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया। मरम्मत कार्य लगातार जारी रहा और अधिकांश फीडरों की आपूर्ति कुछ घंटों के भीतर फिर से शुरू कर दी गई। कई स्थानों पर कर्मचारी देर रात तक काम करते रहे।


अंतिम आकलन अभी जारी

बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि नुकसान का विस्तृत सर्वेक्षण अभी जारी है। विभिन्न जिलों से रिपोर्टें एकत्र की जा रही हैं और स्थायी मरम्मत की योजना बनाई जा रही है। जहां भी ढांचे को क्षति पहुंची है, वहां अतिरिक्त संसाधन और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई गई है। निगम का दावा है कि शेष कार्य भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।