पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान का अगला चरण शुरू
चंडीगढ़ में नशे के खिलाफ अभियान की नई पहल
चंडीगढ़: पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' अभियान को अब एक नए चरण में ले जाने की योजना बनाई जा रही है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, इस अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्राम और वार्ड रक्षा समितियों के सदस्यों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, सरकार ने लगभग दो सप्ताह की समीक्षा प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें गांवों से प्राप्त फीडबैक, पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई, और अभियान की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। यह प्रक्रिया 31 अगस्त को राज्यस्तरीय बैठक के साथ समाप्त होगी।
ग्राम समितियों का योगदान और फीडबैक
स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों के दौरान नशे के खिलाफ अभियान में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले ग्राम और वार्ड रक्षा समितियों के सदस्यों को सम्मानित किया गया। सरकार का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर नशे के खिलाफ जागरूकता और निगरानी को बढ़ाना है। इन समितियों से प्राप्त फीडबैक को आगे की रणनीति में शामिल किया जाएगा। सरकार चाहती है कि यह अभियान केवल सरकारी विभागों तक सीमित न रहे, बल्कि गांव और वार्ड स्तर पर भी सक्रिय भागीदारी बनी रहे।
फीडबैक की समीक्षा प्रक्रिया
गांवों से मिले फीडबैक की होगी समीक्षा
समीक्षा प्रक्रिया में पिछले शिकायतों पर पुलिस और प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई की भी जांच की जाएगी। गांवों से मिली जानकारी के आधार पर यह देखा जाएगा कि किन मामलों में कार्रवाई हुई और कहां और प्रयास की आवश्यकता है। सरकार इस प्रक्रिया के माध्यम से जमीनी स्थिति को समझने का प्रयास करेगी। अधिकारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर आगे की प्राथमिकताएं तय की जाएंगी।
जिला बैठकें और समीक्षा
26 से 29 अगस्त तक जिला बैठकें
राज्यस्तरीय समीक्षा से पहले 26 से 29 अगस्त के बीच जिलों में बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों की अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री करेंगे, जिसमें पुलिस और प्रशासन के अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि, और विधानसभा तथा ब्लॉक स्तर के कोऑर्डिनेटर भी शामिल होंगे। इन बैठकों में गांवों से सामने आए मुद्दों पर चर्चा की जाएगी और आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस चरण को अभियान की जमीनी समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक
31 अगस्त को मुख्यमंत्री करेंगे समीक्षा
समीक्षा प्रक्रिया का अंतिम चरण 31 अगस्त को पूरा होगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें जिलावार प्रगति की समीक्षा की जाएगी। बैठक में सामने आए आंकड़ों और फीडबैक के आधार पर अभियान के अगले चरण की रूपरेखा तैयार की जाएगी। सरकार की कोशिश इसे और व्यापक बनाने की है। राष्ट्रीय दिवसों और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रमों में भी 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' से जुड़ी गतिविधियों को प्रमुखता देने की योजना है।
अभियान का विस्तार
अभियान को और व्यापक बनाने की तैयारी
सरकार की योजना है कि अभियान को प्रशासन के सभी स्तरों तक पहुंचाया जाए। इसके लिए सरकारी आयोजनों में भी नशे के खिलाफ जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों को शामिल किया जाएगा। समीक्षा के बाद जिलों की जरूरत के अनुसार नई कार्ययोजना बनाई जा सकती है, जिसमें पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और स्थानीय समितियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर रहेगा। सरकार का कहना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में स्थानीय स्तर की भागीदारी को लगातार मजबूत किया जाएगा।