पंजाब में पनबस और PRTC कर्मियों की तीन दिन की हड़ताल शुरू
लुधियाना में हड़ताल की शुरुआत
लुधियाना: पंजाब में पनबस और पीआरटीसी के ठेका कर्मचारियों ने आज से तीन दिन की हड़ताल की शुरुआत कर दी है। कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन ने तीन से पांच अगस्त तक काम बंद रखने का निर्णय लिया है, जिससे सरकारी बस सेवाओं पर गंभीर असर पड़ेगा। यात्रियों को यात्रा में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
हड़ताल का कारण और मुख्य मांगें
यूनियन की प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों को स्थायी करना और ठेकेदारी प्रथा को समाप्त करना शामिल है। प्रदेश महासचिव शमशेर सिंह ढिल्लों ने बताया कि सरकार ने चुनाव से पहले इन वादों को दोहराया था, लेकिन चार साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कोई भी कर्मचारी स्थायी नहीं किया गया। कई बार बैठकें हुईं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला है।
तीन दिन तक प्रदर्शन जारी रहेगा
यूनियन का आरोप है कि विभाग की अपनी बसें खड़ी रखी जा रही हैं, जबकि निजी किलोमीटर स्कीम की बसें चलाई जा रही हैं। इससे सरकारी खजाने को नुकसान हो रहा है और निजी ऑपरेटरों को लाभ मिल रहा है। डिपो प्रधान जतिंदर सिंह सोनी ने कहा कि आउटसोर्स भर्ती और टाइम टेबल में गड़बड़ियों की जांच होनी चाहिए। पीआरटीसी के प्रदेश नेता गुरबाज सिंह ने याद दिलाया कि 24 जून की बैठक में दस दिन में ड्राफ्ट तैयार करने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं आया है।
यात्रियों को हो सकती है परेशानी
हड़ताल के दौरान सरकारी बसें नहीं चलेंगी, जिससे विशेष रूप से निशुल्क यात्रा करने वाली महिलाओं को अन्य बसों में किराया देकर यात्रा करनी पड़ेगी। आम यात्रियों को भी कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि हड़ताल के बाद भी उनकी मांगें नहीं मानी गईं या कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई, तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन किया जाएगा।
सरकार और यूनियन के बीच अभी तक कोई समझौता नहीं हो पाया है। कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। आने वाले तीन दिन पंजाब की सड़कों पर सरकारी बस सेवाओं के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था का सहारा लेना पड़ सकता है। स्थिति पर ध्यान दिया जा रहा है।