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पंजाब में बिजली कटौती से मिलेगी राहत, 1 मई से नई व्यवस्था लागू

पंजाब में भीषण गर्मी के कारण बिजली की कटौती से लोगों को राहत मिलेगी। बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने 1 मई से कोई कटौती नहीं होने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि राज्य में बिजली की कमी का सामना किया जा रहा है, लेकिन सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। उद्योगों को भी राहत देने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। जानें इस नई योजना के बारे में और कैसे यह किसानों और उद्योगों को प्रभावित करेगी।
 

पंजाब में बिजली संकट का समाधान

चंडीगढ़: पंजाब में अत्यधिक गर्मी के चलते लोगों को बिजली की कटौती का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच, राज्य के बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने घोषणा की है कि 1 मई के बाद राज्य में कोई बिजली कटौती नहीं होगी। उन्होंने स्वीकार किया कि पंजाब में भी बिजली की कमी का सामना करना पड़ा है, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी। हालांकि, सरकार स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठा रही है। विभाग के अनुसार, पंजाब अभी भी एक बिजली सरप्लस राज्य है और लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे पीक आवर्स के दौरान अनावश्यक उपकरणों का उपयोग न करें।


1 मई से नई व्यवस्था और उद्योगों के लिए राहत

बिजली मंत्री ने बताया कि पहले से निर्धारित मरम्मत कार्य के कारण योजनाबद्ध बिजली कटौती हो रही थी, लेकिन अब ये कट चार घंटे से अधिक नहीं होंगे। सरकार ने 1500 मेगावाट बिजली बाहर से खरीदने का निर्णय लिया है ताकि लोगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सके। इसके अलावा, उद्योगों को भी राहत दी गई है। दिन के समय ग्रिड पर लोड कम करने के लिए उद्यमियों को शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक सीधे बिजली खरीदने की अनुमति दी गई है। राज्य के सभी थर्मल प्लांटों में 28 से 45 दिनों का कोयला उपलब्ध है, जिससे आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आएगी।


गर्मी और कृषि सीजन से बढ़ी बिजली की मांग

पंजाब में 17 अप्रैल से बिजली की मांग में अचानक चार हजार मेगावाट की वृद्धि हुई है। अधिकारियों के अनुसार, अप्रैल में इतनी अधिक मांग का आना आश्चर्यजनक है, जिसका मुख्य कारण अचानक आई लू है। इसके अलावा, कृषि सीजन ने भी ग्रिड पर दबाव डाला है। फसलों की कटाई और आलू-टमाटर की खेती के लिए किसानों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बिजली की आपूर्ति एक निश्चित समय सारणी के अनुसार की जा रही है। भविष्य में ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए लगभग 6,000 करोड़ रुपये की लागत से ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को अपग्रेड करने का कार्य भी चल रहा है।