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पंजाब में महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता योजना की शुरुआत

पंजाब सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक नई वित्तीय सहायता योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत महिलाओं को 1000 से 1500 रुपये तक की मासिक सहायता मिलेगी। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान करना है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सरल है और इसके लिए केवल तीन दस्तावेजों की आवश्यकता है। योजना का लाभ उठाने के लिए कोई समय सीमा नहीं है, जिससे सभी योग्य महिलाएं लाभ उठा सकेंगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस पहल को बाबा साहब अंबेडकर को श्रद्धांजलि बताया है।
 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की नई पहल


चंडीगढ़: बाबा साहिब अंबेडकर के जन्मदिन पर, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत, राज्य की महिलाओं को 1000 से 1500 रुपये तक की मासिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।


मुख्यमंत्री ने इस योजना को अंबेडकर के सामाजिक न्याय और समानता के सिद्धांतों की श्रद्धांजलि बताया। उन्होंने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया का शुभारंभ किया, जिसमें 18 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं केवल तीन दस्तावेजों के साथ लाभ उठा सकती हैं। इसके लिए कैंपों और सहायक स्टाफ का एक बड़ा नेटवर्क भी तैयार किया गया है, ताकि महिलाएं अपने घर पर ही सुविधा प्राप्त कर सकें।


यह योजना पहले 9 हलकों में लागू की जाएगी और 15 मई से इसे अन्य 108 हलकों में विस्तारित किया जाएगा। योजना का भुगतान जुलाई से शुरू होगा और रजिस्ट्रेशन के लिए कोई समय सीमा नहीं होगी। इससे हर योग्य महिला को लाभ की गारंटी मिलेगी, चाहे वह कभी भी रजिस्ट्रेशन कराए। 26,000 रजिस्ट्रेशन केंद्रों और हर गांव में तैनात 'महिला सतिकार सखियों' के माध्यम से इस योजना को बड़े पैमाने पर लागू किया जाएगा।


मुख्यमंत्री ने बताया कि यह योजना आदमपुर, मलोट, श्री आनंदपुर साहिब, दिड़बा, सुनाम, मोगा, कोटकपूरा, बटाला और पटियाला देहाती में पायलट आधार पर शुरू की गई है। उन्होंने कहा, "अन्य 108 हलकों में रजिस्ट्रेशन 15 मई से शुरू होगा और जुलाई 2026 से मासिक भुगतान किया जाएगा।"


महिलाओं को रजिस्ट्रेशन के लिए कोई समय सीमा नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि चाहे वे किसी भी तारीख को रजिस्ट्रेशन कराएं, उन्हें लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा, "देर से रजिस्ट्रेशन करने से लाभ पर कोई असर नहीं पड़ेगा।"


रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में पंजाब का आधार कार्ड, वोटर आईडी और बैंक पासबुक शामिल हैं। अनुसूचित जातियों की महिलाओं के लिए जाति प्रमाण पत्र भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन महिलाओं के पास जाति प्रमाण पत्र नहीं है, वे भी रजिस्ट्रेशन करवा सकती हैं और बाद में बकाया राशि प्राप्त कर सकती हैं।


महिला सतिकार सखियों की भूमिका के बारे में बताते हुए, उन्होंने कहा कि ये सखियां लाभार्थियों के घर जाकर उन्हें योजना के लाभों के बारे में जानकारी देंगी और रजिस्ट्रेशन में मदद करेंगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि रजिस्ट्रेशन के लिए 26,000 से अधिक स्थानों पर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिसमें आंगनवाड़ी केंद्र और नगर निगम कार्यालय शामिल हैं।


इस योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना महिलाओं को सशक्त बनाकर उनके विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।


उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को वित्तीय स्वतंत्रता प्रदान करेगी और उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करेगी।


मुख्यमंत्री ने इस पहल को बाबा साहब अंबेडकर को श्रद्धांजलि बताया, जो महिलाओं के सशक्तिकरण के समर्थक थे।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने तीन लाभार्थियों को रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी सौंपे। लाभार्थियों ने इस पहल का स्वागत किया और कहा कि यह उनके वित्तीय स्वतंत्रता को मजबूत करेगा।