×

पंजाब में मानसून की गतिविधियाँ कमजोर, तापमान में वृद्धि की संभावना

पंजाब में मानसून की गतिविधियाँ कमजोर हो गई हैं, जिससे अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। चंडीगढ़ में आसमान साफ रहने के साथ तापमान में वृद्धि हो सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है, लेकिन व्यापक बारिश की उम्मीद कम है। जानें और क्या है मौसम का हाल और आगे का पूर्वानुमान।
 

पंजाब में मौसम की स्थिति


पंजाब में वर्तमान में मानसून की गतिविधियाँ काफी कमजोर हो गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आज पठानकोट, रूपनगर और होशियारपुर को छोड़कर राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि, इन तीन जिलों में भी बारिश केवल कुछ विशेष स्थानों पर हल्की से मध्यम हो सकती है।


चंडीगढ़ में मौसम का हाल

चंडीगढ़ में आसमान साफ रहने की उम्मीद है। बारिश की कमी के कारण दिन के तापमान में वृद्धि हो सकती है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है।


तापमान में वृद्धि की संभावना

चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य में अधिकतम तापमान में लगभग 0.3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि देखी गई है। वर्तमान में अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग 1.6 डिग्री अधिक है। फरीदकोट में सबसे अधिक तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को कुछ क्षेत्रों में बारिश की संभावना थी, लेकिन मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही नहीं निकला और कई जगह बारिश नहीं हुई। आने वाले दिनों में भी मानसून की सक्रियता सीमित रहने की संभावना है।


फिरोजपुर से गुजर रही मानसून ट्रफ

मानसून ट्रफ जो नमी बनाए रखती है, पंजाब के फिरोजपुर क्षेत्र से गुजर रही है। इसके चलते वातावरण में नमी बनी हुई है, लेकिन फिलहाल कोई मजबूत मौसम तंत्र सक्रिय नहीं है, जिससे पूरे पंजाब और चंडीगढ़ में अच्छी बारिश हो सके। उत्तर हरियाणा और आस-पास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसके प्रभाव से पंजाब के कुछ हिस्सों में बादल बन सकते हैं और हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।


आगे का पूर्वानुमान

मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार, 14 सितंबर तक पंजाब के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी। इस दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका है। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ अब उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ चुका है, जिससे पंजाब और चंडीगढ़ पर इसका प्रभाव कम हो गया है। इस स्थिति में व्यापक बारिश की बजाय कुछ क्षेत्रों में ही बारिश की संभावना बनी हुई है।