पंजाब में मानसून की धीमी रफ्तार, बारिश की कमी से बढ़ी चिंता
पंजाब में मानसून की स्थिति
पंजाब में इस वर्ष मानसून की गति अपेक्षाकृत धीमी रही है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अब तक सामान्य से काफी कम वर्षा हुई है। वर्षा की कमी का प्रभाव कृषि, जल स्रोतों और मौसम पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। हालांकि, आने वाले दिनों में कुछ क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को राहत मिल सकती है।
वर्षा में कमी का आंकड़ा
मौसम विभाग के अनुसार, एक जून से अब तक पंजाब में केवल 62.6 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 91.7 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। इसका मतलब है कि राज्य में लगभग 32 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। मानसून की यह धीमी गति कई जिलों में चिंता का विषय बन गई है।
किसानों की बढ़ती चिंता
कम वर्षा का सबसे अधिक प्रभाव तरनतारन, कपूरथला, होशियारपुर, रूपनगर, नवांशहर, एसएएस नगर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, फाजिल्का और मुक्तसर जैसे जिलों में देखा गया है। इन क्षेत्रों में सामान्य से 10 प्रतिशत से अधिक कम वर्षा हुई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
बारिश के लिए अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने शनिवार से कुछ जिलों में राहत मिलने की संभावना जताई है। पठानकोट, होशियारपुर और नवांशहर में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, गुरदासपुर, पटियाला, एसएएस नगर और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
तापमान में वृद्धि
बारिश की कमी का असर तापमान पर भी देखा जा रहा है। शुक्रवार को बठिंडा राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। फाजिल्का, अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और अन्य शहरों में भी सामान्य से अधिक गर्मी महसूस की गई।
भविष्य की उम्मीदें
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अनुमान के अनुसार बारिश होती है, तो किसानों और आम लोगों को राहत मिल सकती है। फिलहाल, दक्षिण-पश्चिम पंजाब के कई हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, जबकि उत्तरी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।