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पंजाब में मानसून की बारिश: 12 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना

पंजाब में मानसून ने दस्तक दे दी है, जिससे 12 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने विभिन्न जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। जालंधर में बारिश शुरू हो चुकी है, जबकि हिमाचल में बारिश का असर पंजाब पर पड़ सकता है। बिजली की मांग भी बढ़ी है। जानें और क्या है इस मौसम की खासियत।
 

पंजाब में मौसम में बदलाव


मानसून की बारिश फसलों के लिए फायदेमंद


चंडीगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, पंजाब में आज मौसम में बदलाव आया है। सुबह की तेज धूप के बाद, 11 बजे के आसपास बादल छा गए और जालंधर समेत कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई। भारतीय मौसम विभाग ने 12 जुलाई तक बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान पूरे राज्य में मध्यम से भारी बारिश होने की उम्मीद है। वर्तमान में मानसून बठिंडा के पास से गुजर रहा है।


बारिश का अलर्ट

जालंधर में अचानक तेज बारिश शुरू हो गई है। सुबह लगभग 10 बजे बादल छा गए थे। मौसम विभाग ने पंजाब और चंडीगढ़ में बारिश का अलर्ट जारी किया है। पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर और मोहाली में भारी बारिश की संभावना है, जबकि फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा और मानसा में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।


हिमाचल की बारिश का प्रभाव

पंजाब की कई प्रमुख नदियां और बांध हिमाचल प्रदेश से आने वाले पानी को अपने में समाहित करते हैं। यदि हिमाचल में भारी बारिश होती है, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव पंजाब पर पड़ सकता है। इससे नदियों का पानी बांधों में भर जाएगा, जिससे ओवरफ्लो की स्थिति उत्पन्न हो सकती है और बाढ़ की समस्या पैदा हो सकती है।


बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड) के अनुसार, सोमवार को भाखड़ा बांध का जलस्तर 1565.46 फीट था, जिसमें 37,388 क्यूसेक पानी की आवक हुई, जबकि 23,738 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पोंग बांध का जलस्तर 1318.57 फीट रहा, जिसमें 16,860 क्यूसेक पानी की आवक और 15,503 क्यूसेक पानी की निकासी हुई।


बिजली की मांग में वृद्धि

मानसून के आगमन के बावजूद, उमस के कारण गर्मी बनी हुई है। सोमवार को बिजली की मांग 15,112 मेगावाट दर्ज की गई। इस दौरान केंद्रीय पूल से 10,148 मेगावाट बिजली प्राप्त की गई, जबकि निर्धारित शेड्यूल 10,571 मेगावाट का था। राज्य ने 4,967 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया।