पंजाब में रिकॉर्ड बारिश से जनजीवन प्रभावित
पंजाब में बारिश का कहर
पंजाब में मंगलवार रात से शुरू हुई मूसलधार बारिश ने बुधवार को कई क्षेत्रों में जनजीवन को बाधित कर दिया। गुरदासपुर में 24 घंटे के भीतर 155.8 मिमी बारिश हुई, जो 2012 के बाद एक दिन में सबसे अधिक है। रावी नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण मकौड़ा पत्तन पर नाव सेवाएं बंद करनी पड़ीं, जिससे सात गांवों का संपर्क टूट गया। आनंदपुर साहिब में सड़कों पर जलभराव हो गया, जबकि पटियाला में घग्गर नदी के उफान ने खेतों और स्थानीय निवासियों के लिए चिंता बढ़ा दी।
गुरदासपुर में बारिश ने तोड़ा पुराना रिकॉर्ड
गुरदासपुर में हुई बारिश ने पिछले 14 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। दीनानगर के निकट रावी का जलस्तर बढ़ने से मकौड़ा पत्तन पर नावों का संचालन बंद हो गया, जिससे आसपास के सात गांवों के निवासियों की आवाजाही प्रभावित हुई। आनंदपुर साहिब में भी मुख्य सड़कों पर दो से चार फीट तक पानी जमा हो गया। तख्त श्री केसगढ़ साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं को जलभराव के बीच से गुजरना पड़ा।
घग्गर नदी का उफान
चंडीगढ़ की सुखना झील से पानी छोड़े जाने के बाद पटियाला में घग्गर नदी फिर से उफान पर आ गई है। शम्सपुर के पास नदी का पानी ओवरफ्लो होने से खेतों और सड़कों पर जलभराव हो गया है। यदि हालात नहीं सुधरे, तो लगभग 200 एकड़ फसल प्रभावित हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से नदियों और नालों से दूर रहने की सलाह दी है। कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
मुकेरियां अस्पताल में जलभराव
होशियारपुर के मुकेरियां सिविल अस्पताल में बारिश का पानी लगभग दस घंटे तक जमा रहा। यह पानी मरीजों के कमरों, आपातकालीन वार्ड और निचली मंजिल के कार्यालयों तक पहुंच गया। डॉक्टरों के कमरों में भी जलभराव हुआ, जिसके कारण सुरक्षा के दृष्टिकोण से बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी। कर्मचारियों ने मरीजों की पर्चियां हाथ से बनाईं। नगर परिषद की सहायता से टैंकरों द्वारा पानी निकालने के बाद अस्पताल की स्थिति सामान्य की गई।
दो जिलों में बारिश का आंकड़ा
एक जून से 19 अगस्त तक गुरदासपुर में 635.5 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य 452.7 मिमी से 41 प्रतिशत अधिक है। पठानकोट में 932.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 30 प्रतिशत ज्यादा है। दोनों जिले ग्रीन जोन में हैं। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को कुछ क्षेत्रों में हल्की से सामान्य बारिश की संभावना है। 26 अगस्त से मानसून फिर सक्रिय होने और चार दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।