पंजाब में रिश्वत मामले में सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की
सीबीआई की चार्जशीट में चार आरोपियों का नाम
पंजाब विजिलेंस से जुड़े एक प्रमुख रिश्वत मामले में, सीबीआई ने अपनी जांच पूरी कर चार आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट पेश की है। इसमें डीजीपी विजिलेंस के रीडर ओपी राणा समेत चार व्यक्तियों पर रिश्वत मांगने, गोपनीय जानकारी लीक करने और लोगों को धमकाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
चार्जशीट में शामिल आरोपियों की जानकारी
सीबीआई ने लगभग 500 पन्नों की चार्जशीट जिला अदालत में प्रस्तुत की है। इसमें ओपी राणा, मलोट निवासी विकास गोयल, राघव गोयल और चालक अंकित वाधवा को आरोपी बनाया गया है। यह मामला स्टेट टैक्स ऑफिसर अमित कुमार की शिकायत के आधार पर सामने आया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर रिश्वत मांगी जा रही थी। इस मामले की सुनवाई 16 जुलाई से सीबीआई की विशेष अदालत में शुरू होगी।
गोपनीय सूचनाओं के लीक होने का मामला
जांच के दौरान सीबीआई को डिजिटल साक्ष्य, व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड मिले हैं। एजेंसी का कहना है कि इन सबूतों से यह स्पष्ट होता है कि आरोपियों का एक नेटवर्क था, जो विजिलेंस विभाग की गोपनीय सूचनाओं को निजी व्यक्तियों तक पहुंचाता था। आरोप है कि फर्जी शिकायतों का डर दिखाकर लोगों पर दबाव बनाया जाता था और इसके बदले में रिश्वत की मांग की जाती थी। संवेदनशील दस्तावेज और जांच से जुड़ी जानकारी भी कथित तौर पर साझा की जाती थी।
20 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप
सीबीआई के अनुसार, आरोपियों ने शिकायतकर्ता से 20 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। यह राशि एक वरिष्ठ अधिकारी तक पहुंचाई जानी थी, जबकि ओपी राणा ने अपने लिए लगभग 1.86 लाख रुपये का मोबाइल फोन भी मांगा था। शिकायत मिलने के बाद, सीबीआई ने जाल बिछाकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि ओपी राणा बाद में अदालत में आत्मसमर्पण कर जेल भेजा गया। वर्तमान में सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।